इंदौर। नोटबंदी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हुआ है। आरटीआई के तहत जानकारी मिली है कि आरबीआई के पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक इकाई ने सरकार की नोटबंदी की घोषणा से करीब ढाई महीने पहले ही 2,000 रुपये के नये नोट छापना शुरू कर दिये थे जबकि 500 रुपये के नये नोटों की छपाई का काम नोटबंदी के कुछ दिनों दिनो बाद शुरू हुआ था।Also Read - Pariksha Pe Charcha 2022: परीक्षा पे चर्चा के लिये रजिस्‍ट्रेशन की आज आखिरी तारीख, जल्‍दी करें

मध्य प्रदेश के नीमच निवासी सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने बताया कि उनकी आरटीआई अर्जी पर भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्रायवेट लिमिटेड से मिले जवाब के जरिये यह अहम जानकारी हासिल हुई है। Also Read - Republic Parade 2022: उत्तराखंड की टोपी और मणिपुरी स्टोल में नजर आए PM मोदी, निकाले जा रहे हैं सियासी मायने

बेंगलुरु स्थित बीआरबीएनएमपीएल के एक अधिकारी ने जवाब में बताया कि इस इकाई में 2,000 रुपये के नये नोटों की छपाई का पहला चरण 22 अगस्त 2016 को ही शुरू कर दिया गया था, जबकि 500 रुपये के नये नोटों की छपाई का पहला चरण 23 नवंबर 2016 आरंभ हुआ था। यह भी पढ़ें: नोटबंदी: अब बैंको में नहीं बदले जाएंगे नोट, ध्यान से पढ़ें PM मोदी के ये 12 बड़े ऐलान Also Read - 73rd Republic Day: PM मोदी ने नेशनल मेमोरियल वॉर पहुंचकर शहीदों को किया नमन

आरटीआई के तहत चाही गई जानकारी में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि इस इकाई में 500 रुपये के पुराने नोटों की छपाई का आखिरी चरण 27 अक्तूबर 2016 को खत्म हुआ था, जबकि 1,000 रुपये के पुराने नोटों की छपाई का आखिरी चरण 28 जुलाई 2016 को समाप्त हुआ था।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर 2016 की रात अपने टेलीविजन संदेश में घोषणा की थी कि 500 और 1,000 रुपये के नोट अब वैध नहीं रहेंगे।