नागपुर: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में चाहे किसी की भी सरकार बने लेकिन किसानों के हित में हम काम करेंगे. कृषि उत्पादों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनी एग्रोविज़न का उद्घाटन करने के मौके पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कौन अगली सरकार बना रहा है उसमें रुचि लेने के बजाय मीडिया को किसानों के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

गडकरी ने कहा, ‘‘किसी की भी सरकार बने काम बेहतर तरीके से होना चाहिए. महाराष्ट्र की सत्ता में चाहे कोई भी आए, हम किसानों के हित में काम करेंगे. किसान अधिक महत्वपूर्ण है… कौन सरकार में है इसका औचित्य नहीं है.’’

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केंद्रीय मंत्री की टिप्पणी कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना के बीच महाराष्ट्र में सरकार बनाने के मुद्दे पर चल रही गहन बातचीत के बीच आई है. राज्य में 12 नवंबर से राष्ट्रपति शासन लागू है. कार्यक्रम में मौजूद लोगों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ प्याज के आयात को मंजूरी देने संबंधी मंत्रिमंडल के फैसले पर मुझे दुख होता है. मैंने पूछा कि आखिर यह स्थिति क्यों आई जब हमें प्याज का आयात करने की जरूरत पड़ी. पहले दाम दो रुपये प्रति किलो तक गिर जाने पर प्याज फेंका गया. ऐसा होने की वजह यह है कि हमारे पास भंडारण सुविधा नहीं है.

गडकरी ने कहा कि दस साल पहले शुरू एग्रोविज़न के पीछे का उनका सपना था कि विदर्भ के किसानों की खुदकुशी रुक जाए. उन्होंने कहा, ‘‘किसानों को उन्नत और संपन्न बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है सिंचाई सुविधा. विदर्भ में जल संरक्षण के लिए हमने कई कार्यक्रम शुरू किए हैं.

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भंडारा में पुल सह बैराज बनाने को मंजूरी दी गई है और लातूर में ऐसे ही एक पुल सह बैराज से सुनिश्चित होगा कि जिले में दोबारा ट्रेन से पानी पहुंचाने की जरूरत नहीं पड़े. उन्होंने कहा, ‘‘ अगर राज्य में सिंचाई क्षमता में सुधार किया जाए तो किसान खुदकुशी नहीं करेंगे. जब मैं केंद्रीय जल संसाधन मंत्री था तब मैंने देवेंद्र फडणवीस (तत्कालीन मुख्यमंत्री) के अनुरोध पर 40,000 करोड़ रुपये जारी किए थे.