नई दिल्ली। सुकमा नक्सली हमले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ये हमारे सुरक्षाबलों और देश के लिए कितने घातक हैं. इनसे निपटने की सरकार की नीति अब तक कारगर साबित नहीं हो पाई है. अक्सर नक्सली बड़े हमले कर देश को बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं और सरकार को खुलकर चुनौती भी दे डालते हैं कि वो कितने ताकतवर हैं. पिछले एक दशक में नक्सलियों ने जवानों पर जमकर कहर बरपाया है.

सुकमा में नक्सली हमले में 25 जवानों की मौत ने देश को फिर झकझोर दिया है. यह सभी जवान सीआरपीएफ 74 बटालियन के थे. छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे राज्य नक्सली हिंसा की चपेट में हैं. नक्सली लगातार देश के लिए चुनौती बने हुए हैं. नक्सलियों का सबसे बड़ा निशाना सुकमा और दंतेवाड़ा रहे हैं. आइए जानते हैं नक्सलियों ने एक दशक में किन बड़े हमलों को अंजाम दिया है.

सुकमा हमला 2014

1 दिसंबर 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुए हमले में सीआरपीएफ के 14 जवानों की जान चली गई थी. इस हमले में 12 लोग घायल भी हुए थे.

सुकमा हमला 2013

छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले की दरभा घाटी में नक्सलियों ने बड़ा हमला किया. 25 मई 2013 को बस्तर के दरभा घाटी में हुए इस नक्सली हमले में आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 लोग मारे गए थे.

लैंडमाइन ब्लास्ट 2012

झारखंड के गढ़वा जिले में बरिगांवा के जंगलों में नक्सलियों ने लैंडमाइन ब्लास्ट करके पुलिस दल पर बड़ा हमला बोला. इस हमले में एक अधिकारी समेत 14 पुलिसकर्मी मारे गए थे.

दंतेवाड़ा हमला 2010

नक्सलियों ने 6 अप्रैल 2010 को सीआरपीएफ जवानों पर अब तक के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया. इस हमले में 2 पुलिसकर्मियों सहित 76 जवानों ने जान गंवाई थी.

ट्रेन पर हमला 2010

28 मई 2010 को नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल के वेस्ट मिदनापुर जिले में हमला बोला। इस घटना में जनेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतर गई, जिसमें करीब 150 लोगों की मौत हो गई थी.

सिल्डा कैंप हमला 2010

नक्सलियों ने 15 फरवरी 2010 को पश्चिम बंगाल में सिल्डा कैंप पर हमला बोला. इस हमले में अर्द्धसैनिक बल के 24 जवानों ने जान गंवाई.

पुलिस कैंप पर हमला 2007    

2007 में छत्तीसगढ़ के रानी बोडी गांव में एक पुलिस आउटपोस्ट पर 500 से ज्यादा नक्सलियों ने हमला बोला. इस हमले में 55 पुलिसकर्मियों ने जान गंवाई. इनमें 24 राज्य पुलिस के जवान थे और 31 अन्य स्पेशल पुलिस के. जब हमाल हुआ उस वक्त ज्यादातर पुलिसकर्मी सो रहे थे.