बिहार विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने अपनी पहली सूचि जारी कर दी हैं मगर अबतक पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया हैं। इन चुनावों में बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर ही वोट मांग रही हैं। इस बार बिहार चुनाव नितीश कुमार बनाम नरेंद्र मोदी होगया हैं।

वैसे लोकसभा चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने केवल दिल्ली में ही इलेक्शन से पहले अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में पार्टी ने प्रधानमंत्री के नाम पर ही वोट मांगे और जीत के बाद मुख्यमंत्री घोषित किया।

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बिहार में बीजेपी के पास काफी कद्दावर नेता हैं जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार होसकते हैं। आइये नज़र डाल लेते हैं ऐसे ही कुछ नेताओं पर।

राजीव प्रताप रूडी:

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राजीव प्रताप रूडी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता हैं। बिहार के बड़े नेताओं में रूडी का नाम शुमार हैं। उन्हें केंद्र में मंत्री होने का अनुभव भी हैं। उनके खिलाफ सिर्फ एक बात जा सकती हैं की वह बिहार की राजनीति पर खासी पकड़ नहीं रखते।

सुशिल कुमार मोदी:

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सुशिल कुमार मोदी बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने बिहार में भारतीय जनता पार्टी को आगे बढाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हैं। सुशिल मोदी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और महामंत्री भी रहे हैं। उन्हें सरकार चलाने का तगड़ा अनुभव हैं। लोगो में भी सुशिल मोदी काफी लोकप्रिय हैं।

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शाहनवाज़ हुसैन:

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शाहनवाज़ अखिल भारतीय स्थर पर बीजेपी के मुस्लिम चहरा हैं। शाहनवाज़ अटल बिहारी वाजपेयी के कैबिनेट में मंत्री रहे हैं और उन्हें भी प्रशासन का अनुभव हैं। वह 2014 में लोकसभा चुनाव तो हार गए थे मगर बिहार का एक तबका उनके साथ हमेशा खडा रहा हैं। बीजेपी उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर मुसलमानों के बीच अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर सकती हैं जिसका फायदा उन्हें आने वाले समय में बंगाल और उत्तर प्रदेश में होसकता हैं।

रविशंकर प्रसाद:

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केंद्रीय संचार व सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद सूबे के कद्दावर नेता हैं। वह काफी समय तक पार्टी के प्रवक्ता भी रहे हैं। पेशे से वकील प्रसाद को प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का समर्थन भी हासिल हैं। प्रसाद के आरएसएस से भी अच्छे रिश्ते हैं।

राधा मोहन सिंह:

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केन्द्रीय कृषि केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह 5 बार बिहार से लोकसभा के सांसद निर्वाचित हुए हैं। बिहार की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ हैं। वह 2 बार बिहार प्रदेश अध्यक्ष रहे हैं और उनकी संगठन पर अच्छी पकड़ हैं। राधा मोहन सिंह को भी प्रधानमंत्री का करीबी माना जाता हैं।

प्रेम कुमार:

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प्रेम कुमार बिहार बीजेपी का ओबीसी चहरा हैं। वह गया से 6 बार विधायक चुने गए। यह उनका सातवा इलेक्शन हैं। प्रेम कुमार ने एनडीए शासन के दौरान कई महत्वपूर्ण मंत्रीपद की ज़िम्मेदारी संभाली हैं। बीजेपी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के ओबीसी समाज को लुभाने के लिए प्रेम कुमार को राज्य की कमान सौप सकती हैं।