बिहार विधानसभा चुनाव में कौन जीतेगा यह तय में अभी काफी समय मचा हुआ है। जानकारों का मानना है कि प्रमुख लड़ाई महागठबंधन और एनडीए के बीच है। लेकिन तीसरे मोर्चे के बन जाने से नतीजे चौंकानेवाले आ सकते है। हालांकि महागठबंधन और एनडीए खुद की जीत का दावा करते नजर आ रहे है।

लेकिन बिहार के इस चुनाव में दो दिग्गजों की साख दांव पर लगी हुई है। ये दोनों दिग्गजों में एक कांग्रेस पार्टी से हैं तो दूसरे भाजपा से। बता दे कि मल्लिकार्जुन खड़गे और अनंत कुमार दोनों ही बड़े नेता हैं। इस अंतर को छोड़ दिया जाये तो दोनों में बहुत समानता है। खड़गे और अनंत कुमार कर्नाटक से आते हैं। दोनों नेताओं की अपनी-अपनी पार्टियों में अच्छी पैठ है। यह भी पढ़े-बिहार चुनाव 2015: कौन हैं ओवैसी और क्या है AIMIM का इतिहास?

साथ ही दोनों को समझदार और बुद्धिमान राजनीतिज्ञ समझा जाता है। चुनाव प्रबंधन का दोनों नेताओं के पास लंबा अनुभव है। कनार्टक में दोनों की छवि साफ-सुथरे नेता की है। अलग-अलग समय में दोनों ने अपने गृह राज्य में अपनी-अपनी पार्टियों का नेतृत्व किया है।

चुनाव के दौरान अब तक इन दोनों नेताओं का सामना अपने गृह राज्य कर्नाटक में नहीं हुआ है। लेकिन, बिहार विधानसभा चुनाव में खड़गे और अनंत कुमार अपनी-अपनी पार्टियों की कमान संभालेंगे। जानकारी के अनुसार अनंत कुमार को भाजपा ने बिहार में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौपी है। वहीं कांग्रेस ने लोकसभा में अपने नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को उम्मीदवारों के चयन के लिए बनी कमेटी का प्रमुख बनाया है। यह भी पढ़े-बिहार चुनाव: प्रथम चरण के लिए 629 उम्मीदवारों ने किया नामांकन

मल्लिकार्जुन खड़गे के बारे में अहम बातें।
कर्नाटक के गुलबर्ग से सांसद हैं। वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ने से पहले वह विधानसभा में विपक्ष के नेता थे। खड़गे ने लगातार दसबार चुनाव जीता है। 1972 से 2009 तक उन्होंने लगातार नौ बार विधानसभा चुनाव और 2014 में लोकसभा चुनाव जीता।

अनंत कुमार के बारे में अहम बातें।
अनंत कुमार कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण से लोकसभा के सदस्य हैं। उन्होंने लगातार छहबार लोकसभा चुनाव जीता है। वर्तमान में वह केंद्र की एनडीए सरकार में रसायन एवं उर्वरक मंत्री हैं। वर्ष 2003 में अनंत कुमार ने कर्नाटक प्रदेश भाजपा की कमान संभाली थी। यह भी पढ़े-नीतीश ने किया महागठबंधन के उम्मीदवारों का ऐलान:14% मुस्लिम, 16% सामान्य,55% OBC उम्मीदवार

ज्ञात हो कि अनंत कुमार को दूसरी बार बिहार में चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौपी गयी है। भाजपा के लोगों का मानना है कि उन्हें बिहार की समझ है और दूसरे राज्यों में भी चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभालने का अनुभव है। वही खड़गे ने अपने आप को कर्नाटक तक ही सीमित रखा था। दोनों ने अपने-अपने काम को संभाल लिया है। यह भी पढ़े-बिहार विधानसभा चुनाव : भाजपा के स्टार प्रचारकों में आडवाणी, जोशी

बिहार में तमाम अटकलों के बावजूद लोगो की नजर ओवैसी पर भी है। बता दे कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी। ओवैसी की पार्टी केवल सीमांचल (पूर्णिया, सहरसा, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, अररिया आदि) इलाके में चुनाव लड़ेगी, जिसके बाद से ही सूबे के सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। कुछ हद तक ओवैसी भी बाकि पार्टियों का काम ख़राब करनेवाले है।