Bihar Assembly Election 2020: विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में जारी बड़ी उठापटक के बीच अब रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने आज पार्टी की आपात बैठक बुलाई है जिसमें महागठबंधन से नाराज चल रहे कुशवाहा बड़ा ऐलान कर सकते हैं. बता दें कि महागठबंधन में सीएम फेस और सीटों के बंटवारे को अंदरूनी कलह तेज हो गई है. इसकी बानगी पहले ही देखी जा चुकी है जब हम के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने गठबंधन छोड़कर जदयू का दामन थाम लिया था. आज देखना होगा कि कुशवाहा क्या करते हैं.Also Read - बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने कहा, मोदीजी, 15 दिन के लिए जम्मू-कश्मीर बिहारियों को सौंप दीजिए, फिर देखिए

रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने आज यानि गुरुवार को पार्टी की राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी की संयुक्त आपात बैठक बुलाई है. इस बैठक में रालोसपा महागठबंधन से नाता तोड़ने का ऐलान कर सकती है. रालोसपा की आज की ये बैठक पटना के राजीव नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में पूवार्हन 11 बजे शुरू होने वाली है. Also Read - Aryan Khan Drugs Case का बिहार कनेक्शन, मोतिहारी जेल में मुंबई पुलिस-NCB को मिला सुराग, जानिए

पार्टी के प्रधान महासचिव माधव आनंद ने कल ही कहा था कि  सीटों के बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस की नीयत ठीक नहीं है. चुनाव की तिथि की घोषणा किसी समय हो सकती है लेकिन अभी तक महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर कोई फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि रालोसपा महागठबंधन से अलग होती है तो इसकी जिम्मेवारी कांग्रेस और राजद की होगी. Also Read - पटना में चर्चित मॉडल मोना राय को बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारी, क्‍या मर्डर का है बिहार के टॉप नेताओं से कनेक्‍शन?

उधर सूत्रों ने बताया कि रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के कार्यकारी उपाध्यक्ष कामरान को राजद में शामिल कराए जाने से भी नाराज हैं. इस संबंध में उनका कहना है कि राजद ने अपने सहयोगी दल को तोड़कर गठबंधन धर्म की मर्यादा का उल्लंघन किया है.

रालोसपा सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए 35 सीटों की मांग की थी और इसके लिए उपेंद्र कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से दो बार और राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से भी उनके कायार्लय में मुलाकात की थी. बताया जाता है कि राजद रालोसपा को 10-12 सीट से अधिक देने को तैयार नहीं है.