Bihar Assembly Election 2020: सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) कोरोना की वजह से टालने का कोई आधार नहीं बन सकता. बिहार विधानसभा के चुनावों  को टालने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को खारिज कर दिया है. Also Read - CM नीतीश से मिले बिहार के Ex DGP गुप्तेश्वर पांडेय, कयासबाजी हुई तेज, तो कह दी ये बात

न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि कोविड -19 चुनाव स्थगित करने का आधार नहीं हो सकता है और अदालत चुनाव आयोग को यह नहीं बता सकती है कि इस मुद्दे पर क्या किया जाना चाहिए. Also Read - Bihar Election 2020: भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन का दावा इस बार बिहार में राजग 220 सीटों पर दर्ज करेगी जीत

याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत के समक्ष तर्क दिया कि उसे चुनाव की अधिसूचना को रोकना चाहिए. इसपर पीठ ने जवाब दिया कि”हम चुनाव आयोग से चुनाव न कराने के लिए कैसे कह सकते हैं?” Also Read - Bihar Opinion Poll: बिहार में लोगों की पसंद हैं पीएम मोदी, नीतीश का प्रभाव कम; सरकार बदलना चाहते हैं 50 प्रतिशत से ज्यादा मतदाता

याचिकाकर्ता ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून कहता है कि असाधारण परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में चुनाव स्थगित किए जा सकते हैं, इसपर पीठ ने जवाब दिया कि यह फैसला चुनाव आयोग को करना है ना कि कोर्ट को. पीठ ने दोहराया कि वह चुनाव आयोग को चुनाव नहीं कराने का निर्देश दे सकती है.

याचिकाकर्ता ने जोर देकर कहा कि मानव जीवन सर्वोपरि है न कि चुनाव, क्योंकि लोग कोरोनोवायरस संक्रमण के कारण पीड़ित हैं.

पीठ ने कहा कि वह ऐसा आदेश पारित नहीं कर सकती. यह भी देखा गया कि याचिका पर इसलिए विचार नहीं किया जा सकता है, क्योंकि राज्य चुनाव की अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई है.

याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से चुनाव आयोग और राज्य में जमीनी स्थिति के संबंध में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से एक रिपोर्ट मांगी.

पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग स्थिति का ध्यान रखेगा और इस तरह कोई रिट लागू नहीं की जा सकती. मामले पर संक्षिप्त सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज कर दी.