
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर 6 और 11 नवंबर को वोटिंग होनी है. मुकाबला BJP की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (RJD-कांग्रेस+) के बीच है. भले ही NDA चुनाव में बंपर जीत के उम्मीद कर रही हो, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर NDA की अंदरूनी खींचतान कुछ और ही बयां कर रही है. NDA में नीतीश कुमार की पार्टी JDU, चिराग पासवान की पार्टी LJP (R), उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा यानी ‘हम‘ में सीटों को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है.
नीतीश कुमार की पार्टी ने चिराग पासवान के दावे वाली 5 सीटों पर कैंडिडेट खड़े कर दिए हैं. उन्हें इलेक्शन सिंबल भी दे दिया गया है. वहीं, नाराज चल रहे उपेंद्र कुशवाहा अपना ‘हक‘ समझने और मांगने के लिए अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंच रहे हैं. मांझी भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. ऐसे में साफ तौर पर चुनाव से पहले NDA की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
बिहार में क्या है NDA का सीट शेयरिंग फॉर्मूला?
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर NDA ने रविवार को सीट शेयरिंग फॉर्मूले का ऐलान किया था. इसके तहत BJP कुल 243 सीटों में से 101 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. अब तक 71 सीटों पर कैंडिडेट उतारे गए हैं. नीतीश कुमार की पार्टी JDU को भी 101 सीटें मिली हैं, जिसमें से 57 पर कैंडिडेट घोषित किए गए हैं. चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) को 29 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने को दिया गया है. जबकि जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) को 6 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को 6 सीटें दी गई हैं.
JDU ने बुधवार को जारी की 57 कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट
JDU ने बुधवार को कैंडिडेट की पहली लिस्ट जारी की है. इसमें 57 नाम हैं. इस लिस्ट में JDU ने चिराग पासवान के दावे वाली 5 सीटों सोनबरसा, अलौली, राजगीर, एकमा और मोरबा पर भी अपने कैंडिडेट उतार दिए हैं. चिराग पासवान लंबे समय से इन सीटों पर दावा कर रहे थे. सोनबरसा सीट से JDU ने रत्नेश सादा को उम्मीदवार बनाया है. मोरवा सीट से विद्यासागर सिंह निषाद को टिकट मिला है. राजगीर सीट नीतीश कुमार के गृह जिले की अहम सीट है. यहां से कौशल किशोर को प्रत्याशी बनाया गया है. एकमा सीट से धूमल सिंह को मौका दिया गया है. वहीं, अलौली से रामचंद्र गुहा पर भरोसा जताया गया है. ये सीट SC रिजर्व सीट है.
JDU ने 2020 का हिसाब किया बराबर
चिराग पासवान लगातार JDU की सीटों पर दावा कर रहे थे. ऐसे में इन सीटों पर नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के कैंडिडेट खड़े करके ये बता दिया कि पार्टी हर सीट पर अपनी रणनीति से फैसला करेगी, न कि किसी दबाव में आकर कोई निर्णय लिया जाएगा. बता दें कि 2020 के बिहार चुनाव में चिराग पासवान ने भी JDU उम्मीदवारों के खिलाफ अपने कैंडिडेट खड़े किए थे. साफ समझा जा सकता है कि इस बार JDU ने चिराग पासवान से पिछला हिसाब बराबर करने की कोशिश की है.
चिराग को BJP से भी मिला झटका
JDU से पहले चिराग पासवान को BJP से भी झटका मिल चुका है. वह BJP से दानापुर, लालगंज, हिसुआ और अरवल जैसी सीटें चाहते थे, लेकिन BJP ने इन सीटों पर पहले से ही अपने उम्मीदवार तय कर रखे थे. फर्स्ट लिस्ट में नाम भी बता दिए गए. BJP ने सिर्फ दो सीटें चिराग के खाते में दीं. गोविंदगंज (सिटिंग सीट) और ब्रह्मपुर (दावेदारी वाली सीट).
उपेंद्र कुशवाहा की बढ़ी नाराजगी
पासवान के बाद अब NDA के एक और घटक दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा नाराज चल रहे हैं. उनकी नाराजगी की वजह महुआ सीट खोने को लेकर है. NDA ने सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत ये सीट चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को दी है. इस मामले को लेकर BJP ने रूठे हुए कुशवाहा को मनाने की भी भरपूर कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी. कुशवाहा ने अपने सभी उम्मीदवारों का सिंबल रोक दिया है. कुशवाहा को मनाने के लिए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, उपमुख्यमंत्री सम्राट मंत्री नितिन नवीन और ऋतुराज सिन्हा मंगलवार देर रात उनके आवास पहुंचे थे. मगर कोई नतीजा नहीं निकला.
हक मांगने के लिए अमित शाह से मिलने का प्लान
रिपोर्ट के मुताबिक, अब BJP ने उपेंद्र कुशवाहा को दिल्ली बुलाया है. कुशवाहा के करीबियों के मुताबिक, वो भी अमित शाह से अपना हक समझ लेना चाहते हैं. बुधवार देर शाम कुशवाहा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने जा रहे हैं. उनके साथ केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय भी दिल्ली रवाना हुए हैं.
मांझी भी पीछे हटने को तैयार नहीं
NDA में तीसरी मुसीबत जीतन राम मांझी को लेकर है. उनकी पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने भी अपने हिस्से की 6 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. मांझी ने मंगलवार को पार्टी प्रत्याशियों को सिंबल बांटे. हम की लिस्ट के मुताबिक, इमामगंज, टिकारी, बाराचट्टी और सिकंदरा की सीटिंग सीटों पर फिर से वर्तमान विधायकों को ही मौका दिया है. जबकि गया की इमामगंज की सुरक्षित सीट से मांझी की बहू दीपा कुमारी को मौका मिला है. वहीं, बाराचट्टी की सुरक्षित सीट से समधन ज्योति देवी को उम्मीदवार बनाया गया है. गया की टिकारी सीट से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार और जमुई की सुरक्षित सीट सिकंदरा से प्रफुल्ल कुमार मांझी फिर से मैदान में हैं.
कम सीटें दिए जाने पर जताई नाराजगी
हम के संरक्षक और केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्री जीतन राम मांझी ने एक बार फिर कम सीटें मिलने पर गठबंधन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘हमें जीतनी उम्मीद थी, उससे बहुत कम दिया गया है. इससे पार्टी में असंतोष है. कार्यकर्ता नाराज हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बिहार में वापस जंगलराज ले आएं. NDA इस बार बहुमत से जीतेगा.‘
बता दें कि सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय होने से पहले मांझी अपनी पार्टी के लिए 15 सीटों की डिमांड पर अड़े हुए थे. जबकि कुशवाहा 12 सीटों की मांग कर रहे थे. लेकिन, दोनों को परिवार के मोह के चलते नुकसान झेलना पड़ा. BJP बार-बार दोनों से संभावित सीटों पर संभावित उम्मीदावरों के नाम मांग रही थी, लेकिन दोनों नेता ही कुछ तय नहीं कर पा रहे थे. बाद में BJP ने ही फैसला कर दिया और दोनों को महज 6-6 सीटें थमा दीं.
कुल मिलाकर अब गेंद BJP की टॉप लीडरशिप के पाले में है. ये देखना दिलचस्प होगा कि अमित शाह कैसे कुशवाहा, मांझी और पासवान की नाराजगी दूर करते हैं और NDA को चुनाव के लिए एकजुट बनाए रखते हैं.
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