पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सरकारी आवास पर शनिवार को दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया, जिसमें राज्यपाल रामनाथ कोविंद और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत कई लोगों ने शिरकत की. लालू अपनी पत्नी राबड़ी देवी के अलावा दोनों बेटे तेजस्वी और तेजप्रताप के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे और इफ्तार में शामिल हुए. सीएम नीतीश कुमार ने मेहमानों का स्वागत मुख्य दरवाजे पर खड़े होकर किया. Also Read - रैली करने गए नीतीश कुमार के हेलीकॉप्टर पर फेंकी गई चप्पल, नारेबाजी भी की, हिरासत में लिए गए

सीएम नीतीश कुमार हर साल अल्पसंख्यकों के लिए रमजान महीने में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन करते हैं. दावत-ए-इफ्तार में आम और खास सभी को आमंत्रित किया जाता है. इस बार इफ्तार पार्टी को लेकर खास तैयारियां की गई थी. Also Read - बिहार: बीजेपी के चुनावी विज्ञापनों से गायब हुई नीतीश कुमार की तस्वीर, जानें कैसे बिगड़ गया जेडीयू का खेल

रोजेदारों के रोजा तोड़ने के बाद मेहमानों के लिए शाही भोजन का भी इंतजाम किया गया था, जिसमें पुलाव, चिकन, मटन के अलावा दही और खीर का इंतजाम था. पार्टी के दौरान नीतीश सभी मेहमानों का खुद हाल चाल जान रहे थे और ध्यान रख रहे थे. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: बीच चुनाव नीतीश से 'दूरी' बनाने लगी भाजपा, 10 नवंबर को राज्य में बदलेगा नेतृत्व!

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह एक अच्छी परंपरा है. मैं तमाम लोगों को रमजान के मौके पर शुभकामना देता हूं और सबकी बेहतरी के लिए दुआ करता हूं. इस मौके पर नीतीश ने बिहार में सुख-शांति के अलावा राज्य की तरक्की की भी दुआ मांगी.

वहीं दूसरी तरफ लालू प्रसाद अपने परिवार वालों के साथ नीतीश के घर पर तकरीबन एक घंटे रहे और इस मौके पर महागठबंधन में एकता होने के संकेत दिए. लालू ने कहा कि वह दुआ मांगते हैं कि खुदा नीतीश कुमार को और मजबूत और ताकतवर बनाए और उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में महागठबंधन पूरी तरीके से एक है और आगे भी एकता बनी रहेगी.