नई दिल्ली: बिहार में विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही भाजपा प्रवक्ता व पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने शुक्रवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राज्य की 220 सीटों पर जीत हासिल करेगा. बिहार की 243-सदस्यीय विधानसभा के लिए निर्वाचन आयोग ने आज चुनाव की घोषणा कर दी. राज्य में तीन चरणों में 28 अक्टूबर, तीन नवंबर और सात नवंबर को मतदान होगा जबकि मतगणना 10 नवंबर को होगी. Also Read - बिहार: कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय से 8 लाख रुपए बरामद, इनकम टैक्स अफसरों ने रणदीप सिंह सुरजेवाला से की पूछताछ

हुसैन ने एक बयान में दावा किया, ‘‘जिस तरह से लोकसभा चुनाव में राजग ने राज्य की 40 में से 39 सीटों पर जीत दर्ज की थी उसी तरह विधानसभा चुनाव में वह 220 सीटें आसानी से जीतेगी.’ उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में उनके सुशासन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में किए गए काम साथ ही केंद्र द्वारा बिहार के लिए खास तौर पर किए गए कार्यों के आधार पर बिहार की जनता बिहार में राजग को आशीर्वाद देगी. Also Read - चिराग पासवान ने साधा नीतीश कुमार पर निशाना, बोले- कहीं लालू की शरण में न चले जाएं

उन्होंने दावे के साथ कहा, ‘‘जहां तक विपक्ष का सवाल है, उनका कोई वजूद नही है. लोकसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी उनका सूपड़ा साफ हो जाएगा.’’ सीटों के बंटवारे को लेकर राजग में मतभेद के सवाल पर उन्होंने कहा कि ना तो कोई मनभेद है और ना ही कोई मतभेद. उन्होंने कहा, ‘‘सभी पार्टियां अपनी बात करती हैं. लेकिन बातचीत करके सीटों का बंटवारा हो जायेगा. पूरा राजग अभी भी एकजुट है, एकजुट रहेगा और एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा.’’ Also Read - Bihar Assembly Election: बिहार में कोरोना वैक्सीन मुफ्त बांटने के वादे से बवाल, बीजेपी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत

हुसैन ने कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर चुनाव में वैसा रंग नहीं जमेगा जैसा पिछले चुनावों में जमा करता था. उन्होंने कहा,‘‘प्रधानमंत्री की बड़ी-बड़ी रैलियां हुआ करती थी पहले लेकिन इस बार कोरोना महामारी के नियमों की वजह से छोटे-छोटे चुनावी प्रचार होंगे. प्रधानमंत्री हालांकि बिहार की जनता से डिजिटल माध्यम से जरूर रूबरू होते रहेंगे.’’

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व वाले विपक्षी दलों के महागठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि वहां फूट है और गठबंधन का कोई नेता तेजस्वी यादव को नेता मानने को तैयार नहीं है.