बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजनीतिक दलों ने अपने अनुभवी नेताओं पर दांव लगाया है. कुल 243 सीटों पर हो रहे इस चुनाव में 14 पूर्व सांसद (Ex-MP) अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. सांसद (MP) और विधायक (MLA) में से सांसद का पद बड़ा होता है. बिहार के चुनावी मैदान में पूर्व सांसद अब विधानसभा स्तर पर मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं. अधिकांश दलों ने इन्हें उन क्षेत्रों से टिकट दिए हैं जहां इनका पहले लोकसभा क्षेत्र था, ताकि स्थानीय समर्थन का फायदा मिल सके.
इन पूर्व सांसदों का चुनाव लड़ना बिहार की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ है, जहां एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) और महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के बीच कड़ा मुकाबला है. जनसुराज और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां भी इनके साथ मैदान में हैं.
मैदान में उतरे 14 पूर्व सांसदों में किस पार्टी से कितने हैं जानिए-
जेडीयू (JDU) से 5
– हरिनारायण सिंह (झंझारपुर)
– ललन सिंह (मुंगेर)
– अजय सिंह (वाल्मीकिनगर)
– रामलखन सिंह यादव (गया टाउन)
– कौशलेन्द्र सिंह (तरारी)
आरजेडी (RJD) से 4
– सुनील कुमार (झाझा)
– निधि सिद्धार्थ जायसवाल (मोकामा)
– मंजू देवी (बिहारीगंज)
– इंदर सिंह (धमदाहा)
बीजेपी (BJP) से 2
– रामकृपाल यादव (दानापुर)
– सुनील कुमार पिंटू (सीतामढ़ी)
सरफराज आलम हाल ही में आरजेडी छोड़कर जनसुराज में शामिल हुए हैं, जो सीमांचल के अल्पसंख्यक वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है. इन पूर्व सांसदों की पृष्ठभूमि और रणनीतिये पूर्व सांसद बिहार की राजनीति के पुराने चेहरे हैं, जिन्होंने लोकसभा में अपनी छाप छोड़ी है. कुल मिलाकर, ये पूर्व सांसद बिहार की सियासत में ‘पुराने घोड़ों’ की वापसी हैं. परिणाम 14 नवंबर को साफ करेंगे कि किस्मत ने इनका साथ दिया या नहीं.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Bihar की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.