जहानाबाद: कोरोना जैसी मुश्किल के बीच बिहार से एक दर्दनाक मामला सामने आया है. बीमार बच्चे के लिए बार-बार बुलाने के बाद भी एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए न तो एम्बुलेंस आई और न ही बच्चे का इलाज हो पाया. इलाज के अभाव में बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की मां सड़क पर बदहवासी की हालत में दौड़ती रही. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह रो-रोकर बच्चे को बचाने को कह रही है. तब तक बच्चे की जान जा चुकी थी. यहां तक कि घर तक शव ले जाने के लिए भी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई. इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था की एक बार फिर पोल खोल कर रख दी है. Also Read - Bihar Polls: बिहार में पहले चरण की 71 सीटों पर मतदान जारी, क्या नीतीश कुमार एक बार फिर मारेंगे बाजी?

मामला बिहार Bihar) के जहानाबाद (Jahanabad) का है. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार को अरवल जिले के शाहपुर गांव के रहने वाले गिरजेष कुमार अपने तीन साल के बीमार बेटे रिशु को लेकर जहानाबाद सदर अस्पताल इलाज कराने पहुंचे थे. बच्चे को खांसी और बुखार था. चिकित्सकों ने बीमार रिशु की स्थिति देखकर इसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की सलाह दी. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : 'बाबू साहब' के बयान पर घिरे तेजस्वी यादव ने दी सफाई, बोले- बड़का बाबू, छोटका बाबू कौन है

गिरजेश कुमार का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद उन्हें एंबुलेंस ही नहीं मिली. गिरजेश ने पत्रकारों को बताया, “तमाम कोशिशों के बाद भी प्रशासन की ओर से एंबुलेंस का इंतजाम नहीं किया जा सका और इलाज के अभाव में उसके पुत्र की मौत हो गई.” उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण कोई निजी वाहन भी उपलब्ध नहीं हो सके. गिरजेश का आरोप है कि शव को ले जाने के लिए भी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाया गया. ये मामला सामने आने के बाद जहानाबाद के जिलाधिकारी नवीन कुमार ने घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया. जिलाधिकारी ने कहा कि अगर ऐसी घटना हुई तो इसकी जांच कराकर दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी. Also Read - जश्‍न में फायरिंग: लोक गायक व एक्‍टर गोलू राजा को सीने में लगी गोली, BJP नेता पर केस दर्ज