नई दिल्‍ली: नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोध में बीते दिनों विवादस्‍पद वीडियो वायरल होने के बाद मंगलवार को गिरफ्तार किए गए जेएनयू छात्र शरजील इमाम Sharjeel Imam को बिहार Bihar की जहानाबाद जिला अदालत Jehanabad Court ने दिल्‍ली पुलिस की मांग पर उसे ट्रांजिट रिमांड transit remand पर भेजने का निर्देश दिया.

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी कार्यकर्ता शरजील इमाम को मंगलवार को बिहार के जहानाबाद जिले से गिरफ्तार करने के बाद उसे जहानाबाद की कोर्ट में पेश किया गया था. भड़काऊ भाषण पर शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह sedition का मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद से वह फरार चल रहा था. बता दें कि पुलिस ने रविवार को उसके पैतृक घर पर भी छापे मारे थे, लेकिन इमाम नहीं मिला था.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पीएचडी छात्र शरजील इमाम को उत्तर प्रदेश, असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों की पुलिस तलाश कर रही थी.

बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा, शरजील इमाम को जहानाबाद में उसके पैतृक गांव काको से गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले आज दिन में शरजील की तलाश में पुलिस ने उसके भाई को पकड़ा था.

आईआईटी मुंबई से कम्प्यूटर साइंस में स्नातक इमाम जेएनयू के इतिहास अध्ययन केंद्र से पीएचडी करने के लिए दिल्ली चला गया था. सोशल मीडिया पर उसके भड़काऊ भाषण का वीडियो वायरल होने के बाद उस पर मामला दर्ज किया गया था. वीडियो में उसे असम और पूर्वोत्तर को शेष भारत से काटने की बात करते सुना गया था.

शरजील इमाम को वीडियो में कहते सुना गया, ”अगर पांच लाख लोग संगठित हो जाएं तो हम पूर्वोत्तर और भारत को स्थाई तौर पर काट सकते हैं. अगर ऐसा नहीं तो कम से कम एक महीने या आधे महीने के लिए ही सही. रेल पटरियों और सड़कों पर इतना मवाद डाल दो कि वायु सेना को इसे साफ करने में एक महीना लग जाए.”

वीडियो में कह रहा है, ”असम को (शेष भारत से) काटना हमारी जिम्मेदारी है, तभी वे (सरकार) हमारी बात सुनेंगे. हम असम में मुसलमानों की स्थिति जानते हैं. उन्हें डिटेंशन कैंपों में रखा जा रहा है.”

इस बीच इमाम की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि लोगों को प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन कोई देश के टुकड़े करने की बात नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि पुलिस को इमाम को गिरफ्तार करने में कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए और अब अदालतें उचित कार्रवाई करेगी.