पटना | बिहार की नीतीश कुमार सरकार आगामी दो अक्तूबर :गांधी जयंती: से बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ सशक्त अभियान छेड़ेगी।नीतीश ने बेगूसराय जिला में आज संत गाडगे की 141वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गांधीजी के जन्मदिन दो अक्टूबर से बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के विरूद्ध सशक्त अभियान चलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार प्रदेश सामाजिक अभियान से शुरू से दूर रहा है। बिहार राजनीतिक आन्दोलनों के प्रति सजग रहा।

उन्होंने गांधीजी के चम्पारण सत्याग्रह का उदाहरण देते हुये कहा कि चम्पारण सत्याग्रह से देश में आजादी की लड़ाई तेज हुयी। आमजनों का आजादी के संघर्ष से जुड़ाव हुआ। आजादी की लड़ाई ने जन आन्दोलन का स्वरूप लिया। चम्पारण सत्याग्रह के तीस वर्ष के अंदर भारत आजाद हो गया।

नीतीश ने कहा कि बिहार से अनेक राजनीतिक लड़ाई शुरू हुयी। बिहार हमेशा सत्ता का केन्द्र रहा है। मगध साम्राज्य का भूभाग आज के भारत से बड़ा था। उन्होंने कहा कि यहां :बिहार: के लोगों के मन में राजनीति का भाव है। शिक्षा, स्वच्छता, जनजागृति के क्षेत्र में अन्य जगहों पर ज्यादा आंदोलन हुये।

नीतीश ने कहा कि अब जरूरत है कि समाज सुधार की तरफ हम जायें। बिहार में समाज सुधार का बड़ा काम शराबबंदी हुआ। पांच अप्रैल 2016 से पूरे बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम समाज सुधार की दिशा में काम करेंगे। महिलाओं की शिक्षा तथा उनके सशक्तिकरण के लिये कई तरह के काम किये जा रहे हैं।