नीतीश कुमार का कट गया पटना से दिल्ली का टिकट, वो फॉर्मूला जिससे BJP बिहार में बना सकती है अपना CM और दोनों डिप्टी

बिहार की 18वीं विधानसभा चुनाव के लिए BJP ने 101 सीटों पर चुनाव लड़ा. 89 सीटें जीती. वह विधानसभा में नंबर-1 पार्टी है. ऐसे में BJP बिना नीतीश कुमार के भी जोड़-तोड़कर सरकार बना सकती है.

Published date india.com Published: March 5, 2026 11:21 PM IST
नीतीश कुमार का कट गया पटना से दिल्ली का टिकट, वो फॉर्मूला जिससे BJP बिहार में बना सकती है अपना CM और दोनों डिप्टी
नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 में 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. सम्राट चौधरी डिप्टी बने थे. (PTI)

एक जमाने में बिहार के लिए एक लाइन खूब भुनाई गई थी- ‘जब तक रहेगा समोसे में आलू, तब तक रहेगा बिहार में लालू.’ इसके करीब एक दशक बाद बिहार की गलियों में नई लाइन सुनी जाने लगी. ये लाइन थी- ‘बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है.’ लेकिन, बिहार की जनता के लिए होली के अगले दिन दूसरी लाइन पर हमेशा के लिए फुल स्टॉप लग गया. क्योंकि, सुशासन बाबू और राज्य के मुख्यमंत्री का पटना से दिल्ली का टिकट कट चुका था. CM नीतीश कुमार ने खुद X प्लेटफॉर्म पर पटना विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास छोड़कर राज्यसभा जाने की जानकारी दी.

जनता कुछ समझ पाती, उससे पहले ही नीतीश कुमार ने विधासभा जाकर राज्यसभा का पर्चा भी दाखिल कर दिया. इसके साथ ही साफ हो गया कि बिहार में नीतीश काल खत्म हो गया है. अब इसके साथ कई सवाल उठ रहे हैं. क्या पहली बार बिहार में बीजेपी का CM बनेगा? क्या नीतीश कुमार के किसी करीबी को CM बनाया जाएगा? क्या 4 दशक बाद बिहार को सवर्ण CM मिल सकता है? वो कौन सा फॉर्मूला है जिससे BJP मुख्यमंत्री और दोनों उप-मुख्यमंत्री का पद अपने पास रख सकती है:-

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क्या लव कुश फॉर्मूला अप्लाई करेगी BJP?
बिहार में नीतीश कुमार और डिप्टी CM सम्राट चौधरी को लव-कुश कहा जाता है. वजह है इनका समाज. नीतीश कुमार कुर्मी समाज से हैं. सम्राट चौधरी कोइरी समाज से आते हैं. बिहार में दोनों समाज की आबादी तकरीबन 7% है. इसमें कोइरी 4.21% कुर्मी 2.87% हैं. इन्हीं के दम पर नीतीश कुमार अपनी राजनीति करते रहे हैं. इसलिए अगर BJP CM के पद पर सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाती है, तो डिप्टी के लिए विजय सिन्हा पहले से हैं ही. वो कायस्थ समुदाय से आते हैं. वहीं, दूसरे डिप्टी के लिए गैर यादव OBC को मौका दिया जा सकता है. BJP अगर ऐसा करती है, तो नीतीश कुमार का वोट बैंक उनके पास ही रहेगा. इस फॉर्मूले पर सम्राट चौधरी बिल्कुल फिट बैठते हैं. उनका कोइरी समाज बिहार में यादव के मुकाबले एक मजबूत पिछड़ी जाति माना जाता है.

क्या JDU आपत्ति नहीं करेगी?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद वैसे भी JDU कार्यकर्ता नाखुशी जता रहे हैं. अगर BJP मुख्यमंत्री के पद पर अपने किसी को बैठा देती है, तो जाहिर तौर पर नाराजगी बढ़ेगी. लेकिन, BJP को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला. ऐसा इसलिए क्योंकि, बिहार में BJP सबसे बड़ी पार्टी है. ऐसे में वह आराम से जोड़-तोड़कर सरकार बना सकती है.

पॉलिटिकल एनालिस्ट अभिरंजन कुमार बताते हैं, ‘BJP के लिए 5 विधायकों का जुगाड़ करना बहुत आसान है. कांग्रेस के 6 विधायक हैं, उसमें से टूटने के लिए 4 की जरूरत है. इसके अलावा BSP का एक और IIP का एक विधायक है. BJP इनसे भी कॉन्टैक्ट कर सकती है.’

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA और महागठबंधन के नंबर?
बिहार में BJP के पास 89, JDU के पास 85, LJP(R) के पास 19, HAM के पास 5, RLM के पास 4 सीटें हैं. महागठबंधन की बात करें, तो RJD के 25, कांग्रेस के 6, CPI(ML) के 2, CPI(M) और IIP के पास 1-1 सीटें हैं. वहीं, AIMIM के पास 5 और BSP के पास 1 सीट है.

राजस्थान और मध्य प्रदेश की तरह चौंका सकती है BJP?
हाल के समय में राजस्थान, मध्य प्रदेश और दिल्ली में BJP ने मुख्यमंत्री के लिए नए नाम से चौंकाया है. संभव है कि बिबार में भी ऐसा किया जाए. पॉलिटिकल एनालिस्ट अभिरंजन कुमार बताते हैं कि अगर ऐसा हुआ, तो BJP बिहार में महिला मुख्यमंत्री ला सकती है. EBC चेहरे या यादव चेहरे पर भी दांव लगा सकती है.

JDU से कौन-कौन दावेदार?
JDU भी नीतीश कुमार के बदले अपने से ही किसी को CM पद पर देखना चाहती है. इसकी जोर आजमाइश भी चल रही है. रेस में सबसे पहला नाम नीतीश कुमार के बेटे का है. ऐसा माना जा रहा है कि नीतीश कुमार खुद बिहार की सियासत से अलग होकर अपने बेटे निशांत कुमार को सरकार और संगठन की कमान सौंप सकते हैं. निशांत अभी तक पॉलिटिक्स से लगभग खुद को अलग रखते ही आए हैं. 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान से वे लगातार इसमें एक्टिव हुए हैं.

दूसरा नाम विजय चौधरी का है. इन्हें नीतीश कुमार का हनुमान कहा जाता है. वो JDU के नंबर 2 भी कहलाते हैं. विजय चौधरी सरकार की पॉलिसियों और रणनीतियों को बनाने वाली ‘कोर कमेटी’ के अहम सदस्य हैं.

वैसे BJP ने कहा है कि फैसला नीतीश कुमार की सहमति से लिया जाएगा. अब देखना है कि नीतीश कुमार जाते-जाते बिहार के लोगों को क्या सौगात देकर जाते हैं.

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