Bihar Elections Result: बिहार विधानसभा के चुनाव में परिणाम सामने आ चुके हैं. बिहार में एक बार फिर NDA की सरकार बन रह रही है. जीतने वाली पार्टी जश्न में डूब गई है तो वहीं, हारने वाली पार्टियां चुनाव परिणाम के आंकलन में जुट गई है. कांग्रेस को एक बार फिर इन चुनावों में निराशा हाथ लगी. 70 सीटों पर लड़ने वाली इस पार्टी को महज 19 पर जीत मिली. महागठबंधन में सबसे बड़ी पार्टी RJD रही, जो 144 सीटों पर लड़ी और 75 सीटें हासिल की. चुनाव में ‘कमजोर’ प्रदर्शन से कांग्रेस में एक बार फिर से असंतोष के सुर उभर आए हैं. Also Read - 'महाराष्ट्र में अगले 2-3 माह में सरकार बना लेगी बीजेपी, तैयारी हो गई है'

NDTV की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार, असंतुष्‍ट ग्रुप के सदस्‍य रहे वरिष्‍ठ नेताओं ने कहा, ‘कांग्रेस के प्रदर्शन ने दिखाया है कि तेजस्‍वी यादव (Tejaswi Yadav) के राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) और वाम पार्टियों के महागठबंधन को किस कारण ‘पीछे’ रहना पड़ा.’ यहां तक कि गठजोड़ का हिस्‍सा रही CPI-ML ने भी 19 सीटों पर चुनाव लड़ा और 12 सीटें हासिल की. कांग्रेस के इस प्रदर्शन ने उसे स्‍ट्राइक रेट के मामले में ‘फिसड्डी’ साबित किया. Also Read - कलह और अपने नेताओं को कांग्रेस की सलाह- सार्वजनिक रूप से बयान न दें क्योंकि...

बिहार के चुनावों को देख रहे नेताओं ने आधिकारिक तौर पर इसे गलत टिकट वितरण और तीसरे व निर्णायक चरण में वोटों के ध्रुवीकरण को इस लचर प्रदर्शन के लिए जिम्‍मेदार बताया. असंतुष्‍टों के एक वर्ग ने कहा, ‘हमें चुनाव-प्रचार से दूर रखा गया. बिहार से हमें रिपोर्ट मिल रही थी कि राज्‍य कांग्रेस के नेताओं को दरकिनार करते हुए अक्षम लोगों को चुनाव की बागडोर संभालने के लिए दिल्‍ली से भेजा गया.’ Also Read - तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान- बिहार की जनता और बर्दाश्त नहीं करेगी, हम सड़कों पर उतरेंगे

वहीं, असंतुष्‍ट गुट के एक अन्‍य समूह ने कहा कि बिहार चुनाव को अलग-थलग करके नहीं देखा जाना चाहिए और यह मध्‍यप्रदेश, गुजरात और कर्नाटक जैसे अन्‍य राज्‍यों के उपचुनावों के पैटर्न (खराब प्रदर्शन) का हिस्‍सा है. पार्टी के एकमात्र वरिष्‍ठ नेता जिसने बिहार में प्रचार किया, वह राहुल गांधी रहे. राहुल गांधी (Rahul Gandhi)का प्रचार पूरी तरह से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ निजी हमला करने पर केंद्रित रहा. ज्‍यादातर नेताओं का मानना है कि पूर्व के चुनावों में भी यह कदम भारी साबित हुआ था.

बता दें कि चुनाव में NDA को एक बार फिर स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ है. पार्टी को 125 सीटें मिली हैं, जबकि महागठबंधन 110 सीटें जीतने में कामयाब हो सकी.

(इनपुट: एजेंसी)