
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर न्यूज डेस्क पर अपनी सेवा दे रहे हैं. उनकी नेशनल, पॉलिटिकल, इंटरनेशनल की खबरों पर अच्छी पकड़ और समझ है. ... और पढ़ें
Bihar SIR Update: बिहार में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2025) के तहत एक बड़ा अपडेट सामने आया है. राज्य भर में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और अपडेट करने के लिए उठाया गया है.
मृतक मतदाताओं, स्थानांतरित वोटरों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर यह सुधार किया गया है, ताकि आने वाले चुनाव निष्पक्ष और त्रुटिरहित हो सकें.
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO, बिहार) ने बताया कि संशोधित ड्राफ्ट सूची को CEO बिहार की आधिकारिक वेबसाइट और सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों की वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया है. आम मतदाता वहां जाकर अपना नाम और स्थिति देख सकते हैं.
सूची से जिन तीन श्रेणियों के वोटरों को हटाया गया है, वे इस प्रकार हैं- मृत मतदाता (जिनकी मृत्यु हो चुकी है), स्थानांतरित मतदाता (जो एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में शिफ्ट हो गए हैं), डुप्लीकेट या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाता (जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज था). CEO कार्यालय का कहना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को शुद्ध, सटीक और पारदर्शी बनाया जाएगा, जिससे फर्जी वोटिंग की संभावना न रहे.
बिहार में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की प्रक्रिया चुनाव आयोग के निर्देश पर शुरू की गई थी. इसके तहत पूरे राज्य में मतदाता सूची का सत्यापन किया गया. सबसे पहले BLOs घर-घर पहुंचे और मतदाताओं की जानकारी इकट्ठा की. संदिग्ध प्रविष्टियों की जांच की गई. बूथ स्तर पर जुटाए गए आंकड़ों को मिलाकर ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की गई.
इसी आधार पर मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों के नाम सूची से हटाए गए. अब ड्राफ्ट लिस्ट के बाद आम नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया जा रहा है.
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम सूची नहीं है. अगर किसी मतदाता का नाम गलती से ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिया गया है, तो वह संबंधित बीएलओ या ईसीआई की वेबसाइट पर शिकायत दर्ज करा सकता है. इसके बाद जांच कर नाम को फिर से जोड़ा जा सकता है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा, ‘बिहार में SIR की प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जा रहा है. अब तक 65 लाख नाम हटाए गए हैं, लेकिन यह अंतिम सूची नहीं है. दावे और आपत्तियों के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी. हमारा लक्ष्य है कि राज्य की मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित और अपडेटेड हो.’
कुल मिलाकर, बिहार में SIR-2025 की प्रक्रिया एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की दिशा में अहम कदम है. लाखों नाम हटाए जाने से सूची और ज्यादा सटीक बनेगी. हालांकि जिनका नाम गलती से हट गया है, वे समय रहते शिकायत कर सकते हैं. अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद ही यह साफ होगा कि बिहार की मतदाता सूची कितनी त्रुटिरहित और अपडेट हो पाई है.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Bihar की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.