पटना, 23 अप्रैल | बिहार के पूर्णिया और मधेपुरा सहित कई जिलों में मंगलवार की रात आए तूफान से मरने वालों की संख्या 44 तक पहुंच गई है। सबसे अधिक पूर्णिया जिले में 32 लोगों की मौत हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यासजी ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया, “चक्रवाती तूफान से अब तक 44 लोगों की मौत हुई है। बुधवार तक यह आंकड़ा 42 थी। प्रभावित सभी क्षेत्रों में राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। तूफान से व्यापक क्षति हुई है, सर्वेक्षण के बाद ही नुकसान का सही आंकड़ा सामने आ सकेगा।” यह भी पढ़ें–राज्यसभा पहुंची किसान खुदकुशी की गूंज

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पूर्णिया में सबसे अधिक 32 लोगों की मौत हुई है जबकि मधेपुरा में सात, मधुबनी में तीन तथा सुपौल और सीतामढ़ी में एक-एक लोग असमय काल की गाल में समा चुके हैं।  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पत्रकारों को बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण का कार्य जारी है। प्रभावित लोगों की सूची बनाई जा रही है।  उन्होंने कहा, “जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें भी घर बनाने के लिए सहायता दी जाएगी। फसलों के बर्बादी के लिए भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।”  यह भी पढ़ें–किसान की खुदकुशी पर भाजपा, आप का प्रदर्शन

नीतीश ने बताया कि बुधवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीफोन पर उनसे स्थिति की जानकारी ली थी तथा केंद्र सरकार द्वारा हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह स्थिति का जायजा लेने के लिए बिहार आ सकते हैं।  उल्लेखनीय है कि राज्य के मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, सुपौल, कटिहार, सीतामढ़ी किशनगंज, दरभंगा और मधुबनी जिले में चक्रवाती तूफान से व्यापक क्षति हुई है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी जा रही है।