नई दिल्ली: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी समय से बिहार को स्पेशल स्टेटस देने की मांग उठाते रहे हैं. नीतीश कुमार ने पिछले मंगलवार को भी ब्लॉग लिखकर बिहार को किन कारणों से स्पेशल स्टेटस दिया जाना चाहिए, इस बारे में विस्तार से लिखा था. आरजेडी से गठबंधन तोड़ने के बाद जब बिहार में जेडीयू और बीजेपी का गठबंधन हुआ था तब ऐसा लग रहा था कि अब बिहार को स्पेशल स्टेटस का दर्जा जल्दी ही मिल जाएगा लेकिन पीएम मोदी ने बिहार के लिए खास पैकेज का ऐलान तो किया लेकिन स्पेशल स्टेटस का नहीं. अब जेडीयू ने साफ कर दिया है कि उसे स्पेशल स्टेटस से कम कुछ भी मंजूर नहीं है और इसके लिए जेडीयू ने बीजेपी को आंखें दिखाना भी शुरू कर दिया है.

जेडीयू ने कहा-कोई भ्रम नहीं
जेडीयू ने साफ कर दिया है कि बिहार में वो बड़ी पार्टी है और बीजेपी छोटी पार्टी, इसलिए अगले साल होने वाले चुनाव में भी जेडीयू ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और बीजेपी कम सीटों पर. सीट बंटवारे के मामले पर जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा, ”सीटों के बंटवारे को लेकर जेडीयू में कहीं भी भ्रम की स्थिति नहीं है, हम 25 सीटों पर चुनाव लड़ते रहे हैं और बीजेपी 15 पर, अब कई अन्य पार्टियां भी हमारे साथ हैं तो सभी बड़े नेता मिलकर सीटों के बंटवारे पर फैसला करेंगे, बिहार में एनडीए गठबंधन का चेहरा नीतीश कुमार होंगे.”

तेजस्वी का बीजेपी पर तंज
आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने जेडीयू के इस बयान पर तंज कसा है. दरअसल बिहार में जेडीयू और आरजेडी गठबंधन टूटने के बाद से तेजस्वी यादव नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर हैं. तेजस्वी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ”सुशील मोदी बताएं क्या नीतीश जी बिहार में नरेंद्र मोदी से बड़े और ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं? नीतीश जी के प्रवक्ता सुशील मोदी क्या अब भी जेडीयू के हाथों अपने सबसे बड़े नेता को बेइज्जत कराते रहेंगे? नीतीश जी ने कहा था कि उन्होंने सुशील मोदी के कहने से भोज से मोदी जी की थाली खींची थी.’’

पिछले चुनाव का गणित
पिछले कुछ समय से हो रहे उपचुनाव में लगातार हार का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब किसी भी कीमत पर अपने सहयोगियों को नाराज करने का जोखिम नहीं उठा सकती. 2014 में हुए पिछले आम चुनाव में बीजेपी और जेडीयू अलग अलग चुनाव लड़ रहे थे. उस समय रामविलास पासवान और उपेंद्र कुशवाहा बीजेपी के साथ थे.

2014 के आम चुनाव में एनडीए ने बिहार में 40 में से 31 सीटें जीती थीं. जबकि जेडीयू को सिर्फ 2 सीट मिली थी ऐसे में बीजेपी भी इतनी आसानी से अपना दावा छोड़ नहीं रही है. हालांकि बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी को 81 सीटें, जेडीयू को 70 सीटें और बीजेपी को सिर्फ 53 सीटें ही मिली थीं.

पासवान ने शाह से की मुलाकात
बिहार को स्पेशल स्टेटस दिए जाने की नीतीश कुमार की मांग का रामविलास पासवान ने भी समर्थन किया है. इसी मुद्दे पर पासवान ने अपने बेटे चिराग पासवान समेत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की. पासवान ने कहा कि बिहार सबसे गरीब राज्यों में एक है. कई राज्य इसकी मांग कर रहे हैं लेकिन बिहार इसका हकदार है. दोनों नेताओं ने बिहार के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. अगले साल लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी बिहार में दलित समुदाय में अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है.