हैदराबाद: कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण बहुतों के काम छूट गए हैं. बहुत लोग बेरोजगार हो गए. रोज कमाने खाने वालों पर मार पड़ी है. इससे परेशान होकर अब मजदूर सुसाइड करने लगे हैं. आर्थिक तंगी से निराश होकर बिहार के रहने वाले एक प्रवासी कामगार ने हैदराबाद में आत्महत्या कर ली. पुलिस ने बताया कि मोहम्मद आमिर (24) ने उप्पल में अपने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना तब सामने आई जब बिहार में उसके परिवार के सदस्यों ने फोन कॉल का जवाब नहीं मिलने पर घबराकर उसके दोस्त को फोन किया और उसका दोस्त उसके कमरे पर पहुंचा. Also Read - जंगलराज कायम करने वालों का नौकरी और विकास की बात करना मजाक: नीतीश कुमार

पुलिस के मुताबिक, गाड़ी मैकेनिक के रूप में काम करने वाला युवक परेशान था, क्योंकि वह घर नहीं जा सकता था और उसके पास कमरे का किराया देने के लिए पैसे नहीं थे. आमिर एक अन्य शख्स अजीम के साथ कमरा साझा करता था, वह भी बिहार का रहने वाला है. अजीम 13 मार्च को बिहार चला गया था. Also Read - वित्त मंत्री ने फिर दोहराया, 'बिहार चुनाव घोषणा-पत्र में फ्री कोरोना टीके का वादा बिल्कुल सही'

लॉकडाउन की घोषणा के बाद आमिर अकेले रह गया था और उसके पास पैसे नहीं थे. उसने फोन पर परिवार के सदस्यों को अपनी समस्या बताई थी और परिजनों ने उसे आश्वासन दिया था कि वे किराए का भुगतान करने के लिए कुछ पैसे भेजेंगे. लेकिन इससे पहले ही परेशान युवक ने सुसाइड कर ली. Also Read - बिहार में चुनावों के बीच कोरोना संक्रमितों की संख्या 2.09 लाख पहुंची, अब तक 1.97 हुए स्वस्थ

बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी पर आज ही निशाना साधते हुए कहा कि गरीब-मजदूरों के लिए राहत पैकेज की घोषणा होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वहीं केरल ने भी आर्थिक सहायता मांगी है. मुंबई में ही ज़रुरतमंदों को खाना खिलाने के लिए बहुत लोग आगे आए हैं, लेकिन ये नाकाफी साबित हो रहा है और मदद सब तक नहीं पहुंच पा रही है.