अगरतला. त्रिपुरा में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद बिप्लब देब के नेतृत्व में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 तारीख को 12 बजे होगा. शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारी जारी है. शपथग्रहण में सभी बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मंच पर लाकर बीजेपी बड़ा संदेश देना चाहती है. इस शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौजूद रहेंगे. मोदी के अतिरिक्त केंद्र के सभी दिग्गज मंत्री इस समारोह में मौजूद रहेंगे. https://www.india.com/hindi-news/india-hindi/tripura-bjp-workers-demolished-vladimir-lenins-statue-by-bulldoz/

बीजेपी सांसदों ने किया मोदी का अभिवादन
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के बाद संसद परिसर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में पार्टी सांसदों ने अभिवादन किया. मोदी का अभिवादन करने वाले सांसदों को क्षेत्र की एक विशेष चीज दी गई थी जिसे स्कार्फ की तरह पहना जाता है. मोदी ने इसके बाद बीजेपी सांसदों के साथ तस्वीर खिंचवाई और उसके बाद संसद में प्रवेश किया.

बीजेपी की सहयोगी IPFT ने सम्मानजनक पद मांगे
त्रिपुरा में बीजेपी और उसकी सहयोगी आईपीएफटी के नवनिर्वाचित विधायक मंगलवार को अपने नये नेता का चुनाव करेंगे. बिप्लब देब का राज्य का सीएम बनना तय है. इस बीच आईपीएफटी ने नये मंत्रिमंडल में सम्मानजनक पदों की मांग की है. मुख्यमंत्री की दौड़ में आगे माने जा रहे त्रिपुरा बीजेपी के अध्यक्ष बिप्लब देब ने कहा कि बैठक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में राज्य गेस्टहाउस में होगी.

बीजेपी प्रवक्ता मृणाल कांति देब ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जुएल ओरांव भी बैठक में मौजूद रहेंगे. त्रिपुरा में 59 सीटों के लिए चुनाव हुए जिनमें से 35 पर बीजेपी और 8 सीटों पर उसके सहयोगी दल इंडीजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के उम्मीदवार विजयी हुए हैं. एक सीट पर सीपीएम उम्मीदवार के निधन के कारण मतदान रद्द कर दिया गया.

IPFT ने दी बाहर से समर्थन की धमकी!
आईपीएफटी ने बीजेपी पर दबाव बनाते हुए कहा कि अगर उसे मंत्रिमंडल में सम्मानजनक पद नहीं दिये गये तो वह नयी सरकार को बाहर से समर्थन देगी. आईपीएफटी के अध्यक्ष एन सी देबबर्मा ने स्थानीय विधायकों में से ही मुख्यमंत्री चुने जाने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में परंपरा है कि स्थानीय समुदाय से मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाए.

देबबर्मा ने कहा कि आईपीएफटी को अगर कैबिनेट में सम्मानजनक पद नहीं मिलते तो वह विधानसभा में अपने विधायकों के बैठने के लिए अलग ब्लॉक की मांग करेगी. सम्मानजनक पदों से क्या आशय है, यह पूछे जाने पर आईपीएफटी नेता ने कहा कि उनका मतलब कैबिनेट में उचित अनुपात में उनके विधायकों को प्रतिनिधित्व मिलने और उन्हें बड़े विभाग भी दिये जाने से है. बता दें कि IPFT का गठन आदिवासी समुदाय के लोगों ने 90 के दशक में किया था.