
Satyam Kumar
सत्यम, बिहार से हैं. उन्होंने LS College, मुजफ्फरपुर, बिहार से जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया से MA In Media Governance में मास्टर्स किया है. मास्टर्स के साथ ... और पढ़ें
केरल के अलप्पुझा जिले में बर्ड फ्लू (H5N1) के ताजा मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है. बत्तखों में शुरू हुआ यह संक्रमण अब धीरे-धीरे अन्य पक्षियों और पोल्ट्री उद्योग के लिए खतरा बन गया है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए यह समझना बेहद जरूरी है कि यह वायरस कैसे फैलता है और हम खुद को इससे कैसे सुरक्षित रख सकते हैं.
बर्ड फ्लू, जिसे एवियन इन्फ्लुएंजा भी कहा जाता है. यह मुख्य रूप से पक्षियों में होने वाला एक वायरल संक्रमण है. यह वायरस विशेष रूप से बत्तखों, मुर्गियों और जंगली प्रवासी पक्षियों को अपना शिकार बनाता है. वहीं, पक्षियों के बीच यह संक्रमण उनके लार, नाक के स्राव और मल-मूत्र के जरिए बहुत तेजी से फैलता है. जब एक संक्रमित पक्षी किसी दूषित जगह या पानी के संपर्क में आता है, तो वहां मौजूद वायरस अन्य स्वस्थ पक्षियों को भी बीमार कर देता है. केरल जैसे इलाकों में जहां बत्तख पालन खुले में होता है, वहां प्रवासी पक्षियों के जरिए यह वायरस आसानी से स्थानीय पोल्ट्री तक पहुंच जाता है.
बर्ड फ्लू मुख्य रूप से पक्षियों की बीमारी है. लेकिन यह इंसानों के लिए भी घातक साबित हो सकती है. जो लोग संक्रमित पक्षियों के सीधे संपर्क में आते हैं, जैसे पोल्ट्री वर्कर, किसान या मृत पक्षियों को बिना सुरक्षा के उठाने वाले लोग, उन्हें संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा होता है.
डॉक्टरों के अनुसार, इंसानों में इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं. जैसे कि तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, मांसपेशियों में दर्द और थकान. लेकिन यदि बर्ड फ्लू का संक्रमण गंभीर हो जाए, तो यह निमोनिया, सांस लेने में भारी तकलीफ, लो ब्लड प्रेशर और ऑर्गन फेलियर का कारण भी बन सकता है. इसलिए, यदि कोई व्यक्ति संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आया है और उसे ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो उसे तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
बर्ड फ्लू से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है. इससे बचने के लिए कच्चे या आधे उबले हुए (Half-boiled) अंडे खाने से बचें. साथ ही कच्चा मांस या अंडों को छूने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक अच्छी तरह धोएं. साथ ही बीमार या मृत पक्षियों को न छुएं. यदि आपके आसपास कोई पक्षी मृत मिलता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या पशुपालन विभाग को दें.
अगर आप ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जहां बर्ड फ्लू फैला है, तो बाहर निकलते समय मास्क पहनें और पक्षियों के संपर्क वाली जगहों पर जाने से बचें. बर्ड फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और खुद से दवाई लेने (Self-medication) के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें. बर्ड फ्लू के डर के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह मानकर और स्थानीय स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों का पालन करके आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं.
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