अमरावती: 85 साल के बीजेपी नेता बिस्वभूषण हरिचंदन ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के नए राज्यपाल के रूप में शपथ ली. आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सी प्रवीण कुमार ने विजयवाड़ा में अस्थायी राजभवन में एक कार्यक्रम में राज्यपाल को पद की शपथ दिलाई, जिस परिसर को पहले मुख्यमंत्री के कैम्प कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, उसे नए राज्यपाल के लिए राजभवन के रूप में तब्दील किया गया है.

हरिचंदन जून 2014 में प्रदेश के विभाजन के बाद राज्य के दूसरे राज्यपाल और आंध्र प्रदेश के लिए खासतौर से नियुक्त किए गए पहले राज्यपाल हैं. मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी, विधायक, मुख्य सचिव एल वी सुब्रह्मण्यम और वरिष्ठ नौकरशाह शपथग्रहण समारोह में शामिल हुए.

हरिचंदन से पहले 2009 से अविभाजित आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई.एस.एल. नरसिम्हन राज्य के विभाजन के बाद भी दोनों राज्यों- आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के राज्यपाल के रूप में कार्य कर रहे थे. नरसिम्हन हैदराबाद से दोनों राज्यों के राज्यपाल का पदभार संभाल रहे थे.

हरिचंदन (85) ओडिशा के एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उन्होंने 1961 में ओडिशा हाईकोर्ट के एक वकील के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी और 1971 में भारतीय जनसंघ में शामिल हो गए थे. वह 1980 में भाजपा में शामिल हुए और ओडिशा प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बने. हरिचंदन भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी रहे.

आपातकाल के दौरान उन्हें 1975 में आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था कानून के तहत गिरफ्तार किया गया था. उन्होंने सुप्रीम में न्यायाधीशों के दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. साल 1977 में हरिचंदन पहली बार ओडिशा विधानसभा में निर्वाचित हुए और विधि मंत्री बने. उन्होंने ओडिशा मंत्रिमंडल में कई अन्य पद संभाले. हरिचंदन अच्छे लेखक भी हैं और विभिन्न मुद्दों पर उनके लेख ओडिशा में समाचारपत्रों मे प्रकाशित होते रहते हैं. उनकी कई किताबें भी प्रकाशित हुई हैं.