नई दिल्ली: ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजद ने गुरुवार को आरोप लगाए कि केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के ओडिशा में आपराधिक गिरोहों से संबंध थे. पार्टी ने राज्य में एक गैंगस्टर के परिवार को पेट्रोल पम्प आवंटित करने के लिए उनसे इस्तीफे की भी मांग की.

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने एक दिन पहले ही मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी. बीजद के राज्यसभा सदस्य और प्रवक्ता प्रताप केसरी देब ने दावा किया, ‘‘ओडिशा में प्रधान और आपराधिक गिरोहों के बीच मिलीभगत स्पष्ट हो रही है. इसलिए उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए.’’

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उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर 2014 में हिस्ट्रीशीटर सैयद उस्मान अली को पारादीप में पेट्रोल पम्प आवंटित किया गया. उन्होंने कहा कि चूंकि पेट्रोल पम्प पारादीप बंदरगाह के अंदर पड़ता है और आईओसीएल का है, इसलिए आवंटन के अलग नियम हैं और पेट्रोल पम्प के मालिक योग्यता को पूरा नहीं करते. देब ने कहा कि पेट्रोल पम्प के आवंटन में कथित अनियमितता के लिए राज्य सरकार ने जब अपराध शाखा की जांच के आदेश दे दिए हैं तो फिर आईओसीएल द्वारा सीबीआई जांच की मांग का क्या औचित्य है.

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उन्होंने पूछा, ‘‘जब आईओसीएल खुद ही आवंटन में खामियां स्वीकार कर रहा है तो मंत्री इतने लंबे समय तक चुप क्यों रहे?’’ देब ने जानना चाहा, ‘‘क्या वह किसी को बचा रहे हैं या आईओसीएल के कुछ अधिकारियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं?’’

आईओसीएल ने गैंगस्टर के परिवार को केंद्रपाड़ा जिले में एक अन्य पेट्रोल पम्प के आवंटन की जांच की भी मांग की है. ओडिशा अपराध शाखा के विशेष कार्यबल ने इस महीने की शुरुआत में दोनों पेट्रोल पम्प को सील कर दिया था. एसटीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पेट्रोल पंप अली की पत्नी बेनजीर बीबी के नाम पर पंजीकृत है. 56 वर्षीय गैंगस्टर पर हत्या, हत्या के प्रयास और उगाही सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.