नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सम्पत्ति का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए लोकसभा में पेश किए गए विधेयक को ‘‘बहुत बड़ा धोखा’’ बताते हुए मंगलवार को मांग की कि इन क्षेत्रों में निवासियों के घरों की रजिस्ट्री विधानसभा चुनाव से पहले हो जानी चाहिए. राष्ट्रीय राजधानी में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. आप की टिप्पणी तब आई जब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इन कॉलोनियों के कुछ निवासियों को विधानसभा चुनावों से पहले और अन्य को चुनाव के बाद रजिस्ट्री की सुविधा मुहैया कराने की योजना बनाई है.

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आप ने कहा, ‘‘पार्टी का मानना है कि यह विधेयक दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नाम पर भारी धोखाधड़ी है.’’ आप ने कहा, ‘‘भाजपा आगामी चुनाव से पहले जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है. अगर इसमें मकानों की रजिस्ट्री सुनिश्चित नहीं की जाती है, तब तक इस विधेयक का लोगों के लिए कोई मतलब नहीं है. दिल्ली के लोग लंबे समय से अपनी रजिस्ट्री की प्रतीक्षा कर रहे हैं.’’

उल्लेखनीय है कि दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों को सम्पत्ति का मालिकाना हक प्रदान करने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करने के मकसद से लाया गया एक विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया गया. आवास एवं शहरी विकास मंत्री मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने निचले सदन में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (अप्राधिकृत कालोनी निवासी संपत्ति अधिकार मान्यता) विधेयक 2019 पेश किया.

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विधेयक में इन अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को ध्‍यान में रखते हुए उन्‍हें पॉवर ऑफ अटॉर्नी, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्‍य ऐसे दस्‍तावेजों के आधार पर मालिकाना हक देने की बात कही गई है. इसके साथ ही ऐसी कॉलोनियों के विकास, वहां मौजूद अवसंरचना और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रावधान भी विधेयक में किया गया है.

इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद, पंजीकरण तथा स्‍टैंप ड्यूटी में दी जाने वाली रियायत से दिल्‍ली की 1731 अनाधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से ज्‍यादा लोग लाभान्वित होंगे. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 20 नवंबर को इस विधेयक को मंजूरी दी थी.