
Tanuja Joshi
हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक... तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी ... और पढ़ें
Maharashtra BJP-AIMIM Alliance: सालों से, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) पर आरोप लगते रहे हैं कि वह चुपचाप बीजेपी की मदद करती है, इसलिए इसे बीजेपी की ‘बी टीम’ कहा जाता रहा है. लेकिन महाराष्ट्र के अकोला जिले में अब यह छुपा हुआ नहीं रहा. असंभव लगता था, लेकिन अकोट नगर परिषद में बीजेपी और AIMIM ने खुलकर सत्ता साझा करने के लिए हाथ मिलाया. अब वे ‘ए टीम’ बन गए हैं और कांग्रेस विपक्ष में बैठ गई है.
महाराष्ट्र में यह नाटकीय मोड़ मंगलवार को आया. हाल ही में हुए अकोट नगर परिषद चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन उसे स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. 35 सदस्यों वाली परिषद में बीजेपी ने सिर्फ 11 सीटें जीतीं, जिससे उसे सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ा. कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसके पास छह सीटें थीं, जबकि ओवैसी की AIMIM तीसरे नंबर पर रही और पांच सीटें जीतीं.
इसके बाद जो हुआ, वह अकल्पनीय था. बीजेपी ने ‘अकोट विकास मंच’ नामक गठबंधन बनाया और AIMIM के साथ मिलकर नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल किया. इस गठबंधन में एकनाथ शिंदे की शिवसेना, अजीत पवार की NCP और बच्चू कादू की प्रहार जनशक्ति पार्टी भी शामिल हैं. इस नए गठबंधन के साथ बीजेपी की अगुवाई वाली फ्रंट को अब 25 पार्षदों का समर्थन मिला, जो बहुमत के निशान को आसानी से पार कर गया. बीजेपी की माया धुले को मेयर बनाया गया. कांग्रेस और प्रकाश अंबेडकर की वंचित बहुजन आघाडी विपक्ष में बैठेंगी. अकोट विकास मंच का यह गठबंधन अकोला जिला प्रशासन में भी औपचारिक रूप से पंजीकृत किया गया है.
बीजेपी और AIMIM का यह अनोखा गठबंधन, जिनकी विचारधारा अलग है, विपक्ष को AIMIM पर ‘बी टीम’ होने का आरोप लगाने का मौका दे गया. शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी और AIMIM खुला और छुपा गठबंधन कर रहे हैं. राउत ने बीजेपी पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगाते हुए कहा, ‘अंबरनाथ में बीजेपी कांग्रेस के साथ गठबंधन कर रही है और अकोट में AIMIM के साथ यही वही पार्टी है जिसने ‘कांग्रेस-मुक्त भारत’ की बात कही थी.’ बीजेपी ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि यह स्थानीय स्तर पर स्थिर शासन सुनिश्चित करने के लिए लिया गया फैसला है.
ओवैसी की AIMIM के आने के बाद से, कांग्रेस और तृणमूल जैसी विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि AIMIM मुस्लिम वोट बांटकर बीजेपी की मदद करती है. इसलिए चुनावों में AIMIM को बीजेपी की ‘बी टीम’ कहा जाता रहा है, चाहे हाल के बिहार चुनाव हों या बंगाल. हाल ही में बिहार चुनाव में AIMIM ने सीमांचल क्षेत्र में अपनी सभी पांच सीटें बरकरार रखीं और वोट शेयर भी बढ़ाया, जिससे महागठबंधन के वोट बैंक में सेंध लगी. अब महाराष्ट्र में बीजेपी और AIMIM का गठबंधन होने से विपक्ष के ‘बी टीम’ के आरोप और मजबूत हुए हैं. लेकिन राजनीति में और भी अजीब चीजें होती हैं, जैसे अंबरनाथ नगर परिषद में कांग्रेस और बीजेपी ने हाथ मिलाकर शिवसेना को सत्ता से दूर रखा.
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