नई दिल्ली: गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर को रविवार को एम्स से छुट्टी मिल गई. 62 वर्षीय पर्रिकर दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में अग्नाशय संबंधी बीमारी का इलाज करा रहे थे. हालांकि उनकी स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. इस बीच गोवा बीजेपी की कोर समिति ने प्रदेश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए मीटिंग बुलाई है. बीजेपी के एक नेता ने बताया कि राज्य की कोर समिति सोमवार को बैठक करेगी. इसमें गोवा के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा होगी. कोर समिति बीजेपी की मुख्य निर्णायक समिति है जिसमें वरिष्ठ नेता मनोहर पर्रिकर, केन्द्रीय मंत्री श्रीपाद यशो नाइक, लोकसभा सदस्य नरेंद्र सवाईकर और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष विनय तेंदुलकर सहित अन्य शामिल हैं. Also Read - लुटियंस जोन में स्थित प्रियंका गांधी वाला '35 लोधी एस्टेट' बंगला BJP नेता अनिल बलूनी को आवंटित

वहीं दूसरी ओर गोवा के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) ने सोमवार को कहा कि यह सुनिश्चित करना बीजेपी आलाकमान की जिम्मेदारी है कि राज्य की मौजूदा सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे.जीएफपी के अध्यक्ष और नगर नियोजन मंत्री विजय सरदेसाई ने कहा, ‘मुख्यमंत्री पद पर मनोहर पर्रिकर रहें या नहीं रहें, राज्य सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करना चाहिए. Also Read - 'सत्ताधारियों और अपराधियों' की मिलीभगत का खामियाजा कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है' : अखिलेश यादव

जीएफपी अध्यक्ष ने कहा कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार की दोपहर उन्हें फोन करके गोवा के राजनीतिक हालात पर चर्चा की थी. उन्होंने बताया, ‘अमित शाह ने मुझसे बात की और मैंने मध्यावधि चुनाव नहीं कराने की बात कही. मनोहर पर्रिकर मुख्यमंत्री पद पर रहें या नहीं रहें, सरकार चलनी चाहिए.’ साल 2017 में गोवा में बने गठबंधन को लेकर बीजेपी की प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए सरदेसाई ने कहा कि पार्टी आलाकमान, खासकर शाह, ने उन्हें आश्वासन दिया कि पर्रिकर की अगुवाई में बनी सरकार पांच साल चलेगी. Also Read - Dy SP समेत 8 पुलिस जवानों की शहादत: कांग्रेस, BSP, SP ने UP सरकार पर बोला हमला

उन्होंने कहा, ‘हम भी यही चाहते हैं.’ सरदेसाई ने कहा कि इस सरकार को लेकर हमारी प्रतिबद्धता देखते हुए अपनी यह प्रतिबद्धता पूरी करने की जिम्मेदारी बीजेपी आलाकमान पर है कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करे. उन्होंने कहा कि यदि वे (भाजपा) चाहते हैं तो वे (विधानसभा) भंग कर सकते हैं, लेकिन भंग नहीं करने से साबित होगा कि वे अपना वादा निभाते हैं. गोवा के लोग उन्हें देख रहे हैं. जीएफपी के नेता ने यह भी कहा कि विपक्षी कांग्रेस मुश्किल स्थिति को गले लगा रही है, क्योंकि वह चाहती है कि विधानसभा भंग कर दी जाए.

घर पर चल रहा है इलाज
गोवा में बीजेपी पर ‘सत्ता के लिए भूखी’ होने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने शनिवार को मांग की थी कि पर्रिकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें और विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर उसे बहुमत साबित करने का मौका दिया जाए. 62 वर्षीय पर्रिकर का उनके डोना पौला स्थित निजी आवास पर इलाज चल रहा है. गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने वहां सभी जरूरी मेडिकल सुविधाओं की अस्थाई व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पर्रिकर अपने घर पर हैं और गोवा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम उनका ख्याल रख रही है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एम्स, दिल्ली के डॉक्टरों का बताया हुआ इलाज ही करा रहे हैं.