नई दिल्ली. राजस्थान चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंक दी है. 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है और 5 दिसंबर की शाम 5 बजे तक ही प्रचार करने की अनुमति है. ऐसे में प्रत्याशी हर घर तक पहुंचने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में देखें तो चुनाव की घोषणा से लेकर बुधवार तक बीजेपी की तरफ से पीएम मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, वसुंधरा राजे सहित सभी स्टार प्रचारकों ने 101 सीटों पर रैली या जनसभा की है. दूसरी तरफ कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी, सचिन पायलट और ओशोक गहलोत ने कुल 84 सभाएं ही की हैं. Also Read - कोरोना ने चुनावी साल में नेताओं के प्रचार अभियान पर लगाया ग्रहण, आम से लेकर खास हुए 'बेरोजगार'

बीजेपी की तरफ से लगातार रैलियां
बीजेपी की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य में अबतक 6 सभाएं की हैं. इसमें छह जिले अलवर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, कोटा, नागौर एवं भरतपुर में चुनावी सभाओं को संबोधित कर चुके हैं. देखा जाए तो इन जिलों में 45 विधानसभा की सीटें आती हैं. वहीं, अमित शाह ने पाली, सिरोही और जालोर में सभा के साथ-साथ बीकानेर और उदयपुर में रोड शो कर चुके हैं. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सात और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अबचत 16 जन सभाएं की हैं. वहीं, वसुंधरा राजे सिंधिया ने 26 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया है. Also Read - Delhi Election 2020: दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार समाप्त, 8 फरवरी को मतदान

कांग्रेस की सभाएं कम
कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान में अबतक तीन सभाएं की हैं. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने 40 और पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने 27 सभाएं की हैं. वहीं, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, सांसद दीपेंद्र हुड्डा एवं राजबब्बर ने जरूर एक-एक सभाएं की हैं दूसरी तरफ गुलाम नबी आजाद, पवन खेड़ा, प्रमोद तिवारी, आनंद शर्मा और रणदीप सिंह सुरजेवाला ने प्रेस शहरों में पहुंचक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है. Also Read - झारखंड विधानसभा चुनाव 2019: दूसरे चरण के लिए चनाव प्रचार थमा, इस सीट पर है सबकी नजर

बीजेपी के ये मंत्री भी कर रहे हैं प्रचार
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, पी.मुरलीधर राव, अविनाश राय खन्ना और वी. सतीश, सीआर चौधरी, पीपी चौधरी, अर्जुन मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, राज्यवर्द्धन सिंह और प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी भी लगातार दौरे कर रहे हैं.

पिछड़ रही है कांग्रेस?
ऐसे में देखा जाए तो कांग्रेस कहीं न कहीं प्रचार में पिछड़ती दिख रही है. पीएम मोदी ने राहुल गांधी से ज्यादा सभाएं भी की हैं और विधानसभा सीटों को भी कवर किया है. वहीं अमित शाह ने भी रोड शो के साथ सभाएं की हैं. बीजेपी की तरफ से कई मंत्री भी प्रचार कर रहे हैं. कांग्रेस के कई बड़े नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही सिमित हैं. वैसे आने वाले दिनों में दोनों पार्टियां पूरा जोर लगाने वाली हैं. नेतओं के कार्यक्रम में जुड़ रहे हैं. 5 दिसंबर की शाम 5 बजे के बाद ही अंतिम डेटा तैयार हो पाएगा.