नई दिल्लीः कहा जाता है  कि महाराष्ट्र की राजनीति को समझना इतना आसान नहीं है और आज सुबह इसका एक ताजा उदाहरण देखने को मिला. एनसीपी के लगभग 22 विधायक का ने भाजपा को अपना समर्थन दे दिया है जिसके बाद बीजेपी ने राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया. एनसीपी के समर्थन के बाद अब महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी की सरकार बन गई है. देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह 8 बजकर पांच मिनट पर राजभवन में सीएम पद की शपथ ली. वहीं एनसीपी के अजित पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली.

डिप्‍टी सीएम बने अजित पवार ने कहा कि चुनावी परिणामों के दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार बनाने में सक्षम नहीं थी. महाराष्ट्र किसान मुद्दों सहित कई समस्याओं का सामना कर रहा था, इसलिए हमने एक स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया. अजीत पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में किसानों की समस्या एक प्रमुख समस्या है और दोनों ही पार्टियां मिलकर इस दिशा में एक कारगर कदम उठाएंगी.

महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी की सरकार के बारे में जब एनसीपी के दूसरे बड़े नेताओं से बात की गई तो उन्होंने कहा इसके बारे में हमें कुछ खबर नही थी. सूत्रों की माने तो भाजपा के पास एनसीपी विधायकों के समर्थन पत्र भी है.

सूत्रों की खबर मानें तो कई बार एनसीपीमें फूट की भी खबरे सामने आई हैं. शरद पवार जहां शिवसेना के साथ जाने की बात कर रहे थे वहीं अजित पवार भाजपा को समर्थन देने पर जोर दे रहे थे. आपको बता दें कि शरद पवार और अजित पवार के बीच चाचा- भतीजे का रिश्ता है. सूत्रों की माने तो भाजपा को समर्थन देने से पहले अजित पवार ने शरद पवार से इस संबंध में देर रात बात की थी और इसके लिए उन्होंने इसका समर्थन भी किया. एनसीपी के 22 विधायक अजीत पवार के साथ है और 32 विधायक शरद पवार के साथ हैं.