नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच आए दिन फसाद होती रहती है. ऐसे में 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर झंडा फहराने को लेकर भी विवाद हुआ. इस विवाद में एक 40 साल के भाजपा कार्यकर्ता की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. यह घटना हुगली जिले के खानाकुल क्षेत्र की है. यहां नातिबपुर में TMC और BJP दोनों की ही कार्यकर्ता अपनी-अपनी पार्टी कार्यालय के बाहर झंडा फहराने के लिए एकत्र हुए. इसी बीच दोनों गुटों के बीच मामूली बात पर कहा सुनी शुरू हो गई है विवाद इतना बढ़ गया कि हिंसक झड़प में बदल गया.Also Read - क्या BJP में शामिल होंगे अमरिंदर? दिल्ली पहुंचे पंजाब के पूर्व सीएम ने खुद ही कर दिया साफ; बताई आने की असली वजह

इस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने पीट पीटकर सुदर्शन प्रमाणिक को मार डाला है. सुदर्शन प्रमाणिक भाजपा कार्यकर्ता हैं. भाजपा के एक प्रभारी ने बताया कि सुदर्शन प्रमाणिक बूथ लेवल के कार्यकर्ता थे, सुबह जह वो तिरंगा फहराने में जुटे हुए थे, इसी दौरान टीएमसी के गुंड़ों ने उनपर हमला कर दिया और उनकी पीट पीटकर हत्या कर दी गई. Also Read - मिहिर भोज जाति विवाद: शिलापट्ट पर लिखे CM योगी के नाम पर कालिख पोती गई, जांच शुरू

वहीं टीएमसी के हुगल के अध्यक्ष दिलीप यादव का कहना है कि इस घटना से टीएमस का कोई लेना देना नहीं है, विवाद भाजपा के ही दो गुटों के बीच हुआ था. पुलिस इस मामले की जांच कर रहे हैं,. दिलीप यादव ने भाजपा को लेकर कहा कि प्रदेश में भाजपा अराजकता फैलाने की कोशिश कर रह. वहीं इस घटना पर सौमित्र खान और ज्योतिर्मय महतो के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कोलकाता प्रदेश हाईवे को ब्लॉक कर दिया गया. Also Read - अमरिंदर सिंह की BJP ज्वाइन करने की अटकलें, आज जेपी नड्डा और अमित शाह से मिल सकते हैं

इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता के शव को लेकर प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद हाइवे पर पहुंची पुलिस को हल्के लाठी-चार्ज का प्रयोग करना पड़ा. बता दें कि इस घटना के बाद से खनाकुल बंद का आह्नान किया गया है. वहीं इस मामले पर पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि हम बंगाल के लोकतंत्र से वाकिफ है. 15 अगस्त के दिन भी बंगाल में हिंसा जैसी घटनाएं हो रही हैं, इस कारण हमें एक स्वतंत्रता आंदोलन करना होगा.