नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल में रथ यात्रा के आयोजन की अनुमति के लिए भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. हाईकोर्ट ने रथ यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. भाजपा ने इस याचिका पर शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया है. पार्टी ने राज्य के तीन जिलों में रथ यात्रा आयोजित करने का कार्यक्रम बनाया था.

भाजपा ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के शुक्रवार के आदेश को चुनौती दी है जिसने रथयात्रा की अनुमति देने संबंधी एकल न्यायाधीश का आदेश निरस्त कर दिया था. भाजपा ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत ये रथ यात्रायें आयोजित करना चाहती है. 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा इस रथ यात्रा के माध्यम से पश्चिम बंगाल के 42 संसदीय क्षेत्रों में पहुंचने का प्रयास कर रही है.

शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ के आदेश के खिलाफ न्यायालय को भाजपा की अपील मिली है. याचिका की अभी जांच की जा रही है. भाजपा की ओर से याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता महेश अग्रवाल ने बाद में बताया कि प्रयास किए जा रहे हैं कि इस पर एक दो दिन में सुनवाई हो जाए.

शीर्ष अदालत में इस समय एक जनवरी तक शीतकालीन अवकाश है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देबाशीष कारगुप्ता और न्यायमूर्ति शम्पा सरकार की पीठ ने शुक्रवार को इस मामले को राज्य की एजेन्सियों से प्राप्त खुफिया जानकारी पर विचार करने के लिये एकल न्यायाधीश के पास भेज दिया था. खंडपीठ ने न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की एकल न्यायाधीश पीठ को इस मामले में खुफिया जानकारी के साथ नए सिरे से विचार करने और यथाशीघ्र इसका निस्तारण करने के लिए कहा है.

भाजपा के मूल कार्यक्रम के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बंगाल के कूच बिहार जिले से सात दिसंबर को इस रैली की शुरूआत करने वाले थे. इसके बाद यह रथयात्रा नौ दिसंबर को दक्षिणी 24 परगना के काकद्वीप और 14 दिसंबर को बीरभूम में तारापीठ मंदिर से शुरू होनी थी.

(इनपुट भाषा)