पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भाजपा नीत केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘‘वह किसी भी सूरत’’ में इसे राज्य में लागू नहीं होने देंगी. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने यहां सवांददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा कानून को लागू करने के लिए राज्यों को बाध्य नहीं कर सकती. ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर असम और पूर्वोत्तर में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों के बीच वहां के लोगों के प्रति एकजुटता जतायी और क्षेत्र में तनाव बढ़ने एवं कानून व्यवस्था की खराब होती स्थिति के लिए भाजपा नीत केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया.

बनर्जी ने कहा, ‘‘हम कभी भी राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता कानून को बंगाल में नहीं आने देंगे. हम संशोधित कानून को लागू नहीं करेंगे, भले ही इसे संसद ने पारित किया है. भाजपा राज्यों को इसे लागू करने के लिए बाध्य नहीं कर सकती.’’ उन्होंने दोहराया कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ उनकी लड़ाई ‘‘स्वतंत्रता की दूसरी लड़ाई’’ है. बनर्जी ने कहा कि कानून में संशोधन वापस लेने की मांग को लेकर वह सड़क पर उतरेंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ‘‘विभाजनकारी और क्रूर’’ कानून को लागू करने में केंद्र का सहयोग नहीं करेगी. उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में अगर आपके पास संसद में संख्याबल के हिसाब से बहुमत हो भी तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपने विचार को थोपेंगे. लोकतंत्र का सार आमसहमति बनाने में है, सभी को साथ लेकर चलने में है.’’

राज्य में सिलसिलेवार विरोध प्रदर्शनों की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़े समारोह से संबंधित बैठक में शामिल होने के लिए अपना प्रस्तावित दिल्ली दौरा भी रद्द कर दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘नागरिकता कानून भारत को विभाजित करेगा. जब तक हम सत्ता में हैं, राज्य के एक भी व्यक्ति को भी देश नहीं छोड़ना पड़ेगा.’’

जापान के प्रधानमंत्री शिन्जो आबे की प्रस्तावित असम यात्रा का उल्लेख करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह देश की साख पर ‘‘धब्बा’’ होगा यदि वह पूर्वोत्तर में विरोध प्रदर्शनों के चलते वह अपनी यात्रा रद्द करते हैं. उल्लेखनीय है कि आबे की भारत यात्रा टल गई है.

(इनपुट भाषा)