Delhi: BJP chief JP Nadda, Union Home Minister Amit Shah, Defence Minister Rajnath Singh and Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar hold a meeting over farmers protest at BJP chief’s residence: देश की राजधानी में केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में पिछले चार दिन से विरोध प्रदर्शन के लिए जुटने के लिए जद्दोजहद किसानों की कोशिश के बीच बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने इसके लिए गहन मीटिंग की है. केंद्र की मोदी सरकार के तीन बड़े मंत्र‍ियों ने बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा के निवास पर एक मीटिंग की है. मीटिंग समाप्‍त होने बाद केंद्रीय मंत्री निकलते हुए नजर आए हैं. Also Read - Kisan Andolan: कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति की पहली बैठक कल

नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने रविवार देर शाम भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ चर्चा की. सूत्रों के अनुसार, तीनों मंत्रियों ने इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए नड्डा के आवास पर उनसे मुलाकात की. Also Read - ट्रैक्टर रैली को लेकर बहस पर किसानों ने कहा- रैली निकालना हमारा अधिकार, हज़ारों लोग इसमें शामिल होंगे

शाह पहले ही आंदोलनरत किसानों से बुराड़ी मैदान में जाने की अपील कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि तय स्थान पर पहुंचने के बाद सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है. प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों और सरकार के बीच तीन दिसंबर को बातचीत प्रस्तावित है. Also Read - यूपी के मंत्री का विवादित बयान, ममता बनर्जी को बताया 'इस्लामिक आतंकवादी'

तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमा पर पिछले चार दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे किसानों ने रविवार को केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश के सभी पांच रास्तों को बंद करने की धमकी दी.

बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा के निवास पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री राजनाथ ने एक साथ बैठक करके आगामी रणनीति पर आपस में चर्चा की है. वहीं, दिल्ली की सीमा पर कई जगहों पर डटे हजारों किसान लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. शाम में दिल्‍ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर किसानों ने पुलिस की लगाई बैरिकेडिंग तोड़ दी.

आज रविवार को हैदराबाद पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये कानून किसानों के कल्याण के लिए हैं और उनका आंदोलन अराजनीतिक है. उन्होंने कहा, ”जो भी राजनीतिक रूप से इनका विरोध करना चाहते हैं, करते रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि किसानों का प्रदर्शन राजनीतिक है और ना कभी कहूंगा.”

केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरुद्ध हजारों किसानों के आंदोलन के बीच इस मीटिंग से पहले केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा था, पहले भारत सरकार किसानों से तीन दौर की वार्ता कर चुकी है, चौथी बार तीन दिसंबर को मिलने का प्रस्ताव दिया था. सरकार हर स्तर पर खुले मन से बातचीत करने को तैयार है पर किसान यूनियन को बातचीत का माहौल बनाना चाहिए. उन्हें आंदोलन का रास्ता छोड़ चर्चा का रास्ता अपनाना चाहिए.

बता दें कि किसान लगातार चार दिनों से नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और राष्ट्रीय राजधानी के सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं. किसानों ने दिल्‍ली को जोड़ने वाले सभी प्रमुख राजमार्गों को बंद करने की चेतावनी भी दी है.

किसानों का प्रदर्शन राजनीतिक नहीं : अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मीडियाकर्मियों से कहा, ”नए कृषि कानून किसानों के कल्याण के लिए हैं. लंबे समय बाद किसान एक बंधन वाली व्यवस्था से बाहर आ रहे हैं. उन्होंने कहा, ”जो भी राजनीतिक रूप से इनका विरोध करना चाहते हैं, करते रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि किसानों का प्रदर्शन राजनीतिक है और ना कभी कहूंगा.”

बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन के लिए किसानों ने सरकार का प्रस्‍ताव ठुकराया
गृह मंत्री ने दिल्ली की सीमाओं पर एकत्रित हुए किसानों को उत्तर दिल्ली के बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन के लिए जमा होने की अपील की है और कहा कि केंद्र सरकार उनके वहां पहुंचने के बाद उनसे बातचीत को तैयार है. हालाकि किसानों ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके सरकार के इस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया है.