नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी इस बात को लेकर आश्वस्त है कि रामविलास पासवान एनडीए छोड़कर नहीं जाएंगे. बीजेपी के एक सीनियर नेता का कहना है कि हाल ही में एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ पासवान का विरोध मायावती के मुकाबले के लिए था. पासवान के विरोध के बाद बीजेपी एससी-एसटी एक्ट को फिर से उसके पुराने रूप में ले आने के लिए संसद में बिल पेश कर चुकी है. बीजेपी के एक सीनियर नेता ने इकोनॉमिक्स टाइम्स से कहा कि पासवान को पता है कि वह किसी भी सूरत में लालू प्रसाद यादव के साथ काम नहीं कर सकते हैं. पासवान बीजेपी के आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने में कामयाब रहे कि एससी-एसटी को लेकर उनका विरोध एनडीए छोड़ने के लिए नहीं बल्कि इस मुद्दे पर मायावती के सामने एक विरोधी के रूप में खड़े होने के लिए था. Also Read - 'जेल से NDA के विधायकों को फोन पर मंत्री पद का लालच दे रहे हैं लालू यादव', सुशील मोदी ने शेयर किया मोबाइल नंबर

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वहीं बीजेपी के एक और नेता का कहना है कि उपेंद्र कुशवाहा एनडीए से अलग हो सकते हैं. बिहार की 40 सीटों के लिए एनडीए में जगह नहीं बची है. बीजेपी नेता का कहना है कि एनडीए से उपेंद्र कुशवाहा के अगल होने से थोड़ा बहुत नुकसान होगा, लेकिन नीतीश कुमार उसकी भरपाई कर देंगे क्योंकि उन्होंने हमेशा कुर्मी और कुशवाहा जाति की राजनीति की है.

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हालांकि अब भी बिहार में सीटों के बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है. यहां बड़े भाई की भूमिका में कौन होगा इसे लेकर आमराय नहीं बन पाई है. मुजफ्फरपुर कांड के बाद सीटों के बंटवारे का मामला एक बार फिर टल गया है. मुजफ्फरपुर शेल्ट होम में 24 बच्चियों से यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद पहली बार नीतीश की महिलाओं को सशक्त बनाने वाली छवि को जोरदार झटका लगा है.

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हाल ही में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि 2019 में प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है और विपक्ष को 2024 को ध्यान में रखकर मेहनत करनी चाहिए. सत्तारूढ़ राजग में सहयोगी लोकजनशक्ति पार्टी के प्रमुख पासवान ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की पिछले चार वर्षों की उपलब्धियां स्वतंत्रता के बाद से किसी और सरकार की उपलब्धियों से अधिक हैं.पासवान ने दलित मुद्दे पर भी विस्तार से बोला. उन्होंने स्वीकार किया कि सरकार के साथ पहले दलित मुद्दे पर धारणा को लेकर समस्या थी, लेकिन उसे दुरुस्त कर दिया गया है.

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केंद्रीय उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री ने यहां संवाददाता सम्मेलन में राजग सरकार को ‘गरीब, दलित और किसान समर्थक’ बताया. पासवान ने राजग के सहयोगी के तौर पर उनके अनुभव और 2019 के चुनावों में क्या वह भाजपा नीत राजग का हिस्सा बने रहेंगे इस बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में ये बातें कहीं.