नई दिल्ली. राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार मिली है. इसमें मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ तो दो ऐसे राज्य हैं जहां 15 साल से बीजेपी की सरकार थी. शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह राज्यों के सीएम रहे. वहीं वसुंधरा भी राजस्थान की सीएम रहीं. लेकिन, तीनों राज्यों में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में अपने तीनों मुख्यमंत्री को पार्टी में नया रोल देने पर बीजेपी विचार कर रही है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्हें साल 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. Also Read - पश्चिम बंगाल में बोले जेपी नड्डा, बहुत जल्द लागू होगा नागरिकता संशोधन कानून

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है, तीनों नेताओं की छाप अपने राज्यों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी बनी रही है. राज्यों में उनका द्वारा किए गए काम और मिले अनुभव का पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर बड़े मुद्दों पर उपयोग करना चाहती है. पार्टी इस तरह के नेताओं को राज्यों में विपक्ष में रखकर उनके अनुभव को कम प्रयोग करना नहीं चाहती है. Also Read - मध्य प्रदेश उपचुनाव: अब शिवराज सरकार के मंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी की पत्नी को 'रखैल' कहा, वीडियो हुआ वायरल

लोकसभा चुनाव पर नजर
रिपोर्ट में कहा गया है, चूंकि पार्टी ने लगभग लोकसभा चुनाव की तैयारी कर ली है और मोटा-मोटी खाका तैयार कर लिया है. ऐसे में उन्हें तुरंत दिल्ली शिफ्ट करने पर विचार नहीं किया जा रहा है. पार्टी चाहती है कि उन नेताओं की मदद से वह लोकसभा के चुनावों में ज्यादा से ज्यादा सीट जीत सके. Also Read - Bihar Polls 2020: बिहार चुनाव में गठबंधन 4, लेकिन मुख्यमंत्री पद के हैं ये 6 दावेदार

विदिशा से लड़ सकते हैं शिवराज
कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ सकते हैं. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पहले ही घोषणा कर दिया है कि वह इस सीट से आगे चुनाव नहीं लड़ेंगी. इसी तरह रमन सिंह और राजे को भी लेकर कहा जा रहा है कि उनके लोकसभा चुनाव लड़ने से वोटर्स के बीच माहौल बनाया जा सकता है.