नई दिल्ली: देश में वन नेशन वन इलेक्शन की अवधारणा को लेकर चल रही बीजेपी ने देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने की परिकल्पना का विधि आयोग के समक्ष समर्थन किया कहा है. बीजेपी ने कहा कि इससे चुनाव में होने वाले बेतहाशा खर्च को कम करने के साथ विकास कार्यो को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ कराने पर जोर देते रहे हैं. प्रतिनिधिमंडल ने विधि आयोग के अध्यक्ष को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पत्र भी सौंपा. बैठक करीब 50 मिनट चली.

बता दें कि कांग्रेस एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव की अवधारणा के प्रति असहमति जता चुकी है. वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पी चिदंबरम, कपिल सिब्बल और सिंघवी ने हाल ही में विधि आयोग से कहा कि एक साथ चुनाव भारतीय संघवाद की भावना के खिलाफ है.

लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के मसले पर विचार विमर्श के लिए बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को विधि आयोग के चेयरमैन न्यायमूर्ति बीएस चौहान से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी के अलावा बीजेपी नेता विनय सहस्रबुद्धे, भूपेंद्र यादव और अनिल बलूनी शामिल थे. प्रतिनिधिमंडल ने इस विषय पर विधि आयोग के समक्ष अपनी बात रखी.

प्रतिनिधिमंडल ने विधि आयोग के अध्यक्ष को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पत्र भी सौंपा और करीब 50 मिनट तक चली बैठक में वन नेशन वन इलेक्शन के पक्ष में अपनी राय रखी. बैठक के बाद नकवी ने कहा कि हमारी पार्टी का रुख है कि एक साथ चुनाव कराया जाए. इस विषय पर विधि आयोग से चर्चा हुई, अपने विचार रखे. उन्होंने कहा, पार्टी इसके पक्ष में है.”

नकवी ने कहा कि देश में एक साथ चुनाव हो, इसके पक्ष में तीन प्रमुख कारक हैं. लगातार चुनाव का सिलसिला जारी रहने के चलते आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य प्रभावित होता है. इसके साथ ही चुनाव खर्च में भी बेतहाशा वृद्धि होती है. उन्होंने कहा कि चुनाव का लगातार सिलसिला जारी रहने से वास्तविक मुद्दे पर ध्यान नहीं होता और जनता से जुड़़े विषय प्रभावी ढंग से नहीं उठ पाते. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब से देश में एक देश, एक चुनाव का माहौल बना है, तब से चुनावी प्रक्रिया के सबसे बड़े पक्षकार मतदाताओं ने इसका स्वागत किया है.