नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में एक और कार्यकर्ता की हत्या की घटना पर भाजपा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है. पार्टी नेताओं का मानना है कि जिस तरह से राज्य में विपक्षी नेताओं पर लगातार हमले की घटनाएं हो रहीं हैं, उससे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को बगैर राष्ट्रपति शासन के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से नहीं कराया जा सकता.Also Read - सुना है कि बीजेपी अपने 150 MLA के टिकट काटने जा रही... हमने 300 सीटों को पार कर लिया: अखिलेश यादव

स्वतंत्रता दिवस के दिन हुगली जिले के आरमबाग में 40 वर्षीय बीजेपी कार्यकर्ता सुदर्शन प्रमाणिक की तिरंगा फहराने को लेकर हुए हुई हत्या की घटना ने पार्टी नेताओं को आक्रोशित कर दिया है. भाजपा ने सत्ता पर कब्जा बरकरार रखने के लिए सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा का सहारा लेने का आरोप लगाया है. Also Read - UP कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान का चेहरा होंगी प्रियंका गांधी, सपा, बसपा पिछड़ीं: पीएल पुनिया

पश्चिम बंगाल की दार्जिलिंग सीट से सांसद राजू बिष्ट ने यहां राजधानी में आईएएनएस से कहा, जिस तरह से हेमताबाद विधायक देबेंद्र नाथ के बाद पार्टी कार्यकर्ता सुदर्शन की हत्या हुई. उससे इन परिस्थितियों में अगले साल संभावित विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से नहीं हो सकता. लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव कराना है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना ही एकमात्र विकल्प है. उन्होंने कहा कि हिंसक घटनाओं से जूझ रहे राज्य के हालात के बारे में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से संज्ञान में लेने का अनुरोध किया है. ताकि इस दिशा में ठोस कदम उठाकर पार्टी कार्यकर्ताओं के जान-माल की रक्षा सुनिश्चित की जा सके. Also Read - Maharashtra: नांदेड़ से तीन बार सांसद रह चुके भास्‍करराव खतगांवकर ने BJP छोड़ी, कांग्रेस में वापस लौटे

भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि भय और आतंक के माहौल में लोकतंत्र नहीं पनप सकता. पश्चिम बंगाल में खतरनाक स्थिति है. लगातार हमले के कारण पार्टी के जमीनी कार्यकतार्ओं के मनोबल पर असर पड़ रहा है. सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस हिंसा के जरिए राज्य पर कब्जा बरकरार रखना चाहती है. इस नाते राष्ट्रपति शासन लगना जरूरी है.