बेंगलुरु: लोकसभा चुनाव में भारी जीत से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कर्नाटक में कांग्रेस या जनता दल (सेकुलर) के विधायकों को तोड़कर सरकार बनाने की जल्दी में नहीं है. भाजपा की राज्य इकाई के प्रवक्ता जी. मधुसूदन ने से कहा, “हम राज्य में अपनी सरकार बनाने या जद (एस)-कांग्रेस गठबंधन सरकार को गिराने की जल्दी में नहीं हैं.”

मधुसूदन ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें कहा गया है कि पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष बी.एस. येदियुरप्पा ने साल भर पुरानी सरकार को गिराने के लिए विधायकों की संख्या होने का दावा किया है. उन्होंने कहा, “यदि कांग्रेस या जद(एस) के कुछ विधायक अपनी पार्टियों से इस्तीफा देकर हमारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं और हमारी पार्टी के टिकट पर उपचुनाव का सामना करना चाहते हैं तो उनका स्वागत है.”

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राज्य की 28 लोकसभा सीटों में से 25 पर जीत दर्ज कराने के बाद भाजपा ने सत्ताधारी गठबंधन सरकार से इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव का सामना करने के लिए कहा है, ताकि राजनीतिक अस्थिरता और अराजकता समाप्त हो सके. मधुसूदन ने कहा, “यदि सत्ताधारी गठबंधन के पास आत्मसम्मान और ईमानदारी है, तो राज्य में सिर्फ एक लोकसभा सीट जीतने के बाद उनके विधायकों को इस्तीफा दे देना चाहिए.”

मई 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनी थी. भाजपा ने 224 सदस्यीय सदन में 104 सीटों पर जीत दर्ज की थी, कांग्रेस ने 80 और जद(एस) ने 37 सीटें जीती थी. भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए जद(एस) और कांग्रेस ने चुनाव बाद एक गठबंधन बनाया और भाजपा की तीन दिन की सरकार 19 मई, 2018 को गिर गई.