नई दिल्ली. अयोध्या में राम मंदिर पर बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने उद्धव ठाकरे की तारीफ करते हुए कहा है कि उनका अयोध्या पहुंचना और इस मुद्दे को आगे बढ़ने की मैं तारीफ करती हूं. उन्होंने कहा कि राम मंदिर, भगवान राम और अन्य चीजों पर बीजेपी का अकेले पेटेंट नहीं हैं. बता दें कि रविवार को उद्धव ठाकरे अयोध्या पहुंच रामलला का दर्शन किया था.

बीजेपी की फायरब्रांड नेता और केंद्रीय मंत्री उमा भारती राम मंदिर के मुद्दे से लेकर गंगा सफाई तक पर बेबाकी से अपनी बात रखती रही हैं. उन्होंने अपील की कि सपा, बसपा, अकाली दल, ओवैसी और आजम खान सहित सभी नेता आगे आएं और राम मंदिर निर्माण को सपोर्ट करें.

कौन बनाएगा मंदिर?
बता दें कि इससे पहले उद्धव ठाकरे ने अयोध्या में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था, चुनाव आते ही राजनीतिक पार्टियां राम-राम करती हैं और फिर बाद में आराम से बैठ जाती हैं. अगर राम मंदिर नहीं बना सकते तो हमसे कहो कि नहीं हो पाएगा. हिंदू ताकतवर हो गया है, हिंदू मार नहीं खाएगा. यह सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो कौन बनाएगा? अगर मामला अदालत के पास ही जाना है तो चुनाव प्रचार के समय उसे इस्तेमाल न करें. बता दो कि भाइयो और बहनो हमें माफ करो, ये भी हमारा एक चुनावी जुमला था.

संतो ने दिया आशीर्वाद
ठाकरे ने कहा कि शनिवार को जिन संतों ने मुझे आशीर्वाद दिया, मैंने उन्हें बताया कि जो काम हम शुरू करने वाले थे, वो उनके आशीर्वाद के बिना नहीं हो सकता. मंदिर कब बनेगा? उस तारीख का ऐलान होना चाहिए. हिंदुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि चाहे कानून बनाओ या अध्यादेश लाओ लेकिन जल्द मंदिर बनाओ. उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि के दर्शन के लिए जाते समय उन्हें लगा कि वह जेल में जा रहे हैं. आज की सरकार बहुत ताकतवर है, अगर वह चाहे तो मंदिर बन सकता है. अगर ये सरकार मंदिर नहीं बनाएगी तो मंदिर तो ज़रूर बनेगा लेकिन शायद ये सरकार नहीं रहेगी.

विहिप ने रखी मांग
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने रविवार कहा कि उन्हें मंदिर के लिए जमीन के बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है और उन्हें पूरी की पूरी भूमि चाहिए. राय ने विहिप द्वारा अयोध्‍या में आयोजित धर्म सभा में कहा ”हमें बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है. हमें (जमीन का) टुकड़ा नहीं चाहिए. राम मंदिर के लिए पूरी की पूरी भूमि चाहिए.”