नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में हालिया हुए खंड विकास परिषद (बीडीसी) के चुनावों में भले ही भाजपा से ज्यादा निर्दलीयों को सफलता मिली है, मगर घाटी के आतंक प्रभावित जिलों की कई सीटों पर मिली जीत से पार्टी उत्साहित है. आतंकवाद से खासा प्रभावित दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले की सभी आठ सीटें जीतने के बाद भाजपा ने अब जम्मू की तरह घाटी में भी पार्टी की जमीन मजबूत करने की दिशा में काम और तेज किया है. इसके लिए घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में भी भाजपा नेता जाकर लोगों से सीधा संवाद कर रहे हैं.

भाजपा को लगता है कि केंद्र की कई योजनाओं के जमीन पर उतरने और पंचायतों के खाते में सीधे धनराशि भेजने के बाद से कश्मीर की आम जनता के मन में पार्टी को लेकर नजरिया बदल रहा है. भाजपा ने शोपियां के नतीजे और पंचायत चुनाव में हुई बंपर वोटिंग को बुलेट के खिलाफ बैलट की जीत बताया है. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के प्रभारी और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने कहा, नतीजों से ज्यादा महत्वपूर्ण है पहली बार हुए ब्लॉक स्तरीय चुनाव में 98 प्रतिशत मतदाताओं का भाग लेना. कश्मीर की जनता ने जता दिया कि देश के लोकतंत्र में उसकी कितनी आस्था है.

अविनाश राय कहते हैं, पंचायतों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों से सीधा संवाद किया. बताया कि अभी तक पंचायतों को बजट लेने के लिए मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों की खातिरदारी करनी पड़ती थी, अब मोदी सरकार सीधे पंचायतों के खाते में विकास के लिए मोटी धनराशि भेज रही है. इससे जनता को लगा कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद जो कुछ हो रहा है, वह हमारे हित में है. निर्दलीयों के ज्यादा जीतने के सवाल पर खन्ना ने कहा कि इसमें ज्यादातर भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और कई पहले से भाजपा के संपर्क में हैं.

शोपियां में कुल नौ ब्लॉक में से आठ के लिए चुनाव हुए. सभी परिषदों पर भाजपा की जीत हुई. इसके अलावा कश्मीर रीजन के आतंक प्रभावित जिलों बारामूला में एक, बड़गाम में दो, पुलवामा में चार और अनंतनाग में तीन सीटें भाजपा के खाते में आईं. भाजपा का मानना है कि ये नतीजे घाटी में मजबूत होती जमीन का सूचक है. भाजपा ने कश्मीर में 60 उम्मीदवार खड़े किए थे, जिसमें 18 जीतने में सफल रहे. कश्मीर रीजन में 93.65 और जम्मू में 99.4 प्रतिशत वोट पड़े. खास बात यह है कि श्रीनगर में 100 प्रतिशत मतदान हुआ.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में बीते 24 अक्टूबर को कुल 316 में से 307 ब्लॉक परिषदों के चुनाव हुए थे. जम्मू में 148, कश्मीर में 128 और लद्दाख की 31 सीटों पर चुनाव हुए थे, जिसमें भाजपा ने जम्मू में 52, कश्मीर में 18 और लद्दाख में 11 बीडीसी सीटें जीतीं. इस प्रकार भाजपा ने 307 में 81 सीटें जीतीं. कांग्रेस, नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी के बहिष्कार के बीच हुए इस चुनाव में सबसे ज्यादा 217 ब्लॉक में निर्दलीयों की जीत हुई. 307 ब्लॉक में कुल 1065 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे.

(इनपुट-आईएएनएस)