नई दिल्ली: भाजपा महासचिव राम माधव ने शनिवार को उन खबरों को खारिज कर दिया कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर में पीडीपी के बागी विधायकों के साथ मिलकर सरकार बनाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि वह राज्य में शांति, प्रशासन और विकास के लिए राज्यपाल शासन जारी रखने के पक्ष में है. उनकी यह टिप्पणी ट्विटर पर तब आई जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्लाह ने एक खबर ट्वीट की थी जिसमें दावा किया गया था कि पीडीपी विधायकों का एक बड़ा धड़ा बीजेपी आलाकमान के संपर्क में है और भगवा दल राज्य में सरकार बनाने की कोशिश में है.

अब्दुल्लाह ने ट्वीट में भाजपा नेताओं को टैग करते हुए कहा राम माधव के दावे के विपरीत प्रदेश भाजपा इकाई ने पीडीपी को तोड़ने के प्रयास पार्टी द्वारा किए जाने की बात स्वीकार की है. ऐसा लगता है कि किसी भी कीमत पर सत्ता दिशानिर्देशक सिद्धांत है. राज्य के लिये भाजपा के प्रभारी नेता माधव ने कहा कि सही नहीं है.

मैं निश्चित रूप से राज्य इकाई से इस मामले में दरियाफ्त करूंगा और यह सुनिश्चित करूंगा कि भाजपा घाटी में खुद को उन चीजों से दूर रखे जो दूसरे दल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम राज्य में शांति, सुशासन और विकास के लिए राज्यपाल शासन के पक्ष में हैं. भाजपा ने पिछले महीने प्रदेश की पीडीपी की गठबंधन सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद प्रदेश में राज्यपाल शासन लगाया गया था.

ट्विटर पर मिली शिकायत
जम्मू – कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा को महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीडीपी-भाजपा गठबंधन की पूर्व सरकार के खिलाफ ट्विटर पर भ्रष्टाचार और अन्य गलत कृत्यों की शिकायतें मिल रही है. राज्य में भाजपा के पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद महबूबा मुफ्ती के 19 जून को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने पर राज्यपाल का यह आधिकारिक ट्विटर अकाउंट बनाया गया था.

राज्यपाल को ट्विटर पर ऐसे मामलों की शिकायतें भी मिल रहीं है जिन्हें खत्म माना जा रहा था. वोहरा के कार्यालय ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर बताया कि इन सभी शिकायतों पर संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है. ट्विटर पर एक शखस ने राज्यपाल से राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में राज्य में रोहिंग्या शरणार्थियों के पंजीकरण की मांग भी की.