नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. ताजा मामला मनोरंजन से जुड़ा है जिसमें विजयवर्गीय ने फैसला किया है कि वो केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को पत्र लिखकर ‘बॉलीवुड’ शब्द को बैन करके हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए किसी उपयुक्त शब्द को इस्तेमाल में लाने की मांग करेंगे. बता दें कि विजयवर्गीय ने निर्माता सुभाष घई के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को बॉलीवुड कहे जाने के खिलाफ एक कैंपेन भी लॉन्च किया हुआ है.

नाम बदलने की मांग
विजय वर्गीय ने अपनी वेबसाइट पर इस बारे में विस्तार से लिखा है. विजयवर्गीय ने लिखा है कि, ”हाल ही में भारतीय सिनेमा की जानी-मानी हस्ती सुभाष घई ने एक मुलाकात में बताया कि मुंबई के सिनेमा जगत को बॉलीवुड कहने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है. उन्होंने बताया कि बीबीसी ने एक बार मुंबइयां फिल्मों को हॉलीवुड की नकल बताते हुए बॉलीवुड बताया था. मुंबई के फिल्म जगत ने बीबीसी के मजाक को अपनाते हुए मुंबई फिल्म जगत को बॉलीवुड कहना शुरु कर दिया, मीडिया ने इसे तेजी से बढ़ाया. हैरानी की बात है कि दादा साहब फाल्के, वी शांताराम, सत्यजीत रे, राजकपूर से लेकर नए-नए फिल्मकार दुनिया में भारतीय सिनेमा की एक अलग पहचान बनाने मे कामयाब हुए हैं और वहीं हम गुलामी के प्रतीक और नकलची होने का तमगा लगाए बॉलीवुड शब्द को ढोने पर खुश हो रहे हैं.”

भारतीय भाषाओं को प्रतिष्ठा की मांग
विजयवर्गीय ने आगे लिखा है, ”भारतीय फिल्मों की पुरानी कहानियों को छोड़ कर छोटे बजट की नई-ऩई फिल्मों ने बेहतर प्रदर्शन नए-ऩए कलाकारों को आगे बढ़ने का मौका दिया है. ऐसे में हमें अपनी मौलिकता को बढावा देने के लिए बॉलीवुड, टॉलीवडु, क़ॉलीवुड, मॉलीवुड से जैसे गुलामी के प्रतीक शब्दों से निजात पानी होगी. हम ऐसे शब्द प्रयोग करें, जिससे भारत की सभी भाषाओं और बोलियों की फिल्मों को प्रतिष्ठा मिले.

विवादों से रहा है नाता
कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. विजयवर्गीय का अक्सर विवादों में नाम आता रहता है. इससे पहले विजयवर्गीय कई नेताओं से लेकर सुपरस्टार शाहरुख खान तक को अपने निशाने पर ले चुके हैं. विजयवर्गीय ने एक बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आतंकियों की मौसी तक कह दिया था.