नई दिल्ली. केंद्र में सत्तारूढ़ होने के बाद से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का कद यूं ही बड़ा नहीं हुआ है. विपक्ष चाहे कितने भी आरोप लगाए, पार्टी को जनता के साथ-साथ कॉर्पोरेट जगत का भी भरपूर प्यार पिछले वर्षों में मिला है. यही वजह है कि वर्ष 2016-17 में पांच राष्ट्रीय पार्टियों को जितना चंदा मिला है, उस पूरी राशि का नौ गुणा ज्यादा चंदा भाजपा को प्राप्त हुआ है. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट से यह बात सामने आई है. एडीआर ने बुधवार को जारी की गई अपनी रिपोर्ट में बताया, ‘भाजपा कॉर्पोरेट दानदाताओं के लिए स्पष्ट रूप से पसंदीदा पार्टी है. इनके द्वारा चंदे के रूप में दी गई यह राशि कांग्रेस को पहले दी गई राशि से 14 गुणा ज्यादा है.’ 20 हजार रुपए से अधिक चंदा पाने वाली सात राष्ट्रीय पार्टियों द्वारा घोषित चंदे की कुल राशि 589.38 करोड़ रुपए है. राजनीतिक चंदे की यह भारी-भरकम राशि 2,123 निजी और कॉर्पोरेट घरानों के द्वारा दिया गया. Also Read - गुजरात में कांग्रेस के एक और विधायक ने दिया इस्‍तीफा, राज्‍यसभा चुनाव से पहले 8 MLA ने छोड़ा साथ

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एडीआर और नेशनल इलेक्शन वॉच की रिपोर्ट. Also Read - बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा- गर्भवती हथिनी के कातिलों को दी जाए फांसी, ये बेहद अमानवीय

भाजपा 500 करोड़ से ज्यादा, कांग्रेस को महज 41 करोड़
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने 1,194 चंदों के जरिए प्राप्त 532.27 करोड़ रुपए की घोषणा की, जबकि कांग्रेस ने 599 चंदों के जरिए प्राप्त 41.90 करोड़ रुपए की घोषणा की है. रिपोर्ट के मुताबिक ‘एक ही समय में भाजपा द्वारा घोषित चंदा कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और तृणमूल कांग्रेस द्वारा मिलाकर घोषित किए गए चंदे का नौ गुणा ज्यादा है.’ यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने घोषणा की है कि पार्टी को वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान 20,000 रुपए से ज्यादा का चंदा नहीं मिला. भाजपा को पिछले एक साल के दौरान जो कॉर्पोरेट चंदा मिला है, उसमें 593 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. भाजपा को वर्ष 2015-16 में जहां 76.85 करोड़ रुपए मिले थे, वहीं 2016-17 में चंदे की राशि बढ़कर 532.27 करोड़ रुपए हो गई है. इसी अवधि में राकांपा को मिलने वाली चंदे की राशि में भी बढ़ोतरी देखी गई है. राकांपा को 2015-16 में जहां 71 लाख रुपए का कॉर्पोरेट चंदा मिला था, वहीं 2016-17 में पार्टी को 6.34 करोड़ रुपए मिले हैं.

व्यक्तिगत दानदाताओं ने दिए 25 करोड़
एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार, ‘वित्तीय वर्ष 2016-17 में कॉर्पोरेट सेक्टर ने 708 चंदों के रूप में 563.24 करोड़ रुपए का चंदा दिया. वहीं 1,354 व्यक्तिगत डोनरों ने 25.07 करोड़ रुपए चंदे के रूप में दिए.’ कॉर्पोरेट घरानों ने भाजपा को 531 बार 515.43 करोड़ रुपए चंदे के रूप में दिए, जबकि 663 व्यक्तिगत डोनरों ने 16.82 करोड़ रुपए चंदे के तौर पर दिए. वहीं, कांग्रेस को कॉर्पोरेट घरानों ने 98 बार चंदा दिया. देश की सबसे पुरानी पार्टी को कॉर्पोरेट घरानों से सिर्फ 36.06 करोड़ रुपए मिले. इसी दौरान 501 व्यक्तिगत डोनरों ने 5.84 करोड़ रुपए का चंदा दिया. वित्तीय वर्ष 2015-16 के मुकाबले 2016-17 में राजनीतिक चंदा देने में 478 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. एडीआर के अनुसार वर्ष 2015-16 में जहां राष्ट्रीय दलों को 102.02 करोड़ रुपए मिले थे, वहीं 2016-17 में में इसमें 487.36 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.