नई दिल्ली: आखिर बीजेपी ने बुधवार को उत्तराखंड से विधायक प्रणव सिंह चैंपियन को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर ही दिया. कुछ दिन पहले विधायक का अपने घर पर एक जश्न के दौरान बंदूक और रिवाल्वर लहराकर डांस करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. यह वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई और इसके बाद पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था.

बता दें कि बीते 10 जुलाई को बीजेपी से निलंबित खानपुर के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन उस समय फिर एक नए विवाद में फंस गए जब उनका एक वीडियो वायरल हो गया. वीडियो में विधायक हाथों में दो रिवॉल्वर लेकर बॉलीवुड के गाने पर नाचते दिख रहे हैं और उनके कंधे पर कार्बाइन लटकी नजर आ रही है. वीडियो में वह गिलास से शराब पीते दिख रहे हैं, जबकि उनके मित्र उनके लिए तालियां बजाते दिख रहे हैं.

भाजपा के मीडिया प्रभारी और राज्यसभा सदस्य अनिल बलूनी ने बताया कि पार्टी ने विधायक के कई सार्वजनिक दुर्व्यवहार पर संज्ञान लेते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है. वीडियो सामने आने के बाद राज्य के नेताओं ने विधायक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. उन्होंने बताया कि इससे पहले की खराब आचरण की घटनाओं को लेकर पार्टी उन्हें पहले ही निलंबित कर चुकी थी.

भाजपा विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के पार्टी की ओर से जारी नोटिस पर स्पष्टीकरण देने से पहले ही प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू ने उन्हें पार्टी से निकालने की सिफारिश की थी. वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी ने 13 जुलाई को उन्हें नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण देने को कहा था. भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन ने बताया कि उत्तराखंड के पार्टी प्रभारी जाजू ने केंद्रीय नेतृत्व से विधायक को निकाले जाने की अनुशंसा की है.

भसीन ने इससे पहले विधायक को उनके व्यवहार पर स्पष्टीकरण देने के लिए भेजे गए नोटिस के बारे में कहा था कि केंद्रीय नेतृत्व को अपनी सफारिश देने से पहले पार्टी की प्रदेश इकाई विधायक के जवाब का इंतजार करेगी. चैंपियन को दिए गए नोटिस पर स्पष्टीकरण देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया था. उसी समय पार्टी ने दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उनके तीन महीने के निलंबन की अवधि अनिश्चितकाल तक बढ़ा दी थी.

बता दें कुछ महीने पहले भी वह भाजपा के झबरेड़ा से विधायक देशराज कर्णवाल के साथ वाकयुद्ध और उन्हें कुश्ती लड़ने की चुनौती देने को लेकर सुर्खियों में रहे थे. चैंपियन उन कांग्रेस विधायकों में शामिल थे जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खिलाफ बगावत की थी और 2016 में भाजपा में शामिल हो गए थे.