नई दिल्ली: कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज घोषणा की कि प्रवासियों को उनके घर भेजने व ट्रेन में आने वाले खर्चों का भुगतान कांग्रेस पार्टी करेगी. भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस बात को लेकर सोनिया गांधी पर निशाना साधा है. मालवीय ने कहा कि हम नहीं चाहते कि हमारे गांव इटली जैसे बन जाएं. क्या सोनिया गांधी यही चाहती हैं. Also Read - सत्ता के लालची लोग महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं : कांग्रेस

अमित मालवीय ने कहा कि प्रवासियों के मुद्दे पर राजनीति कर रही कांग्रेस को अपनी हरकत पर शर्म आनी चाहिए. रेलवे प्रवासी मजदूरों के किराए में 85 प्रतिशत तक छूट दे रही है, शेष खर्चा राज्य सरकारों को उठाना है. अगर श्रमिकों की ‘चिंता’ थी, तो राजनीति करने की जगह सोनिया गांधी को कांग्रेस शासित प्रदेशों को 15% खर्चा भरने के लिए कहना था. मगर वो हिंदुस्तान को इटली बनाना चाहती है, ताकि लाशों पर राजनीति कर सकें. Also Read - मोदी सरकार 2.0 की पहली वर्षगांठ, 6 साल पूरे होने पर भाजपा करेगी 'आभासी रैलियों' का आगाज, गिनाएगी उपलब्धियां

ऐसे में सोनिया गांधी कांग्रेस शासित राज्यों को खर्च उठाने के लिए क्यों नहीं कहतीं. बता दें कि सोनिया गांधी का कहना है कि विदेशों में फंसे लोगों को मुफ्त में भारत लाया जा रहा है, जबकि मजदूरों से किराया वसूला जा रहा है. इस बाबत अमित मालवीय ने सोनिया गांधी पर गलत बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कि श्रमिकों से किसी तरह का किराया नहीं वसूला जा रहा है.

बता दें कि प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, मजदूर राष्ट्र निर्माता हैं, लेकिन आज वे यह दर्द सहने के लिए मजबूर हैं. जब हम विमानों का उपयोग कर विदेशी भूमि से लोगों को निकाल कर ला सकते हैं, नमस्ते ट्रम्प में 100 करोड़ रुपये खर्च कर सकते हैं और रेल मंत्री पीएम-केयर फंड को 151 करोड़ रुपये दान कर सकते हैं, तो फिर इस संकट के समय में मजदूरों को मुफ्त यात्रा करने की अनुमति क्यों नहीं है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने घर लौटने वालों के खर्च का ध्यान रखने का फैसला किया है. इस बीच, सोनिया गांधी ने एक बयान में कहा, “कांग्रेस ने एक निर्णय लिया है कि प्रत्येक राज्य कांग्रेस कमेटी (राज्य इकाई) प्रत्येक जरूरतमंद श्रमिक और प्रवासी मजदूर की रेल यात्रा की लागत वहन करेगी और इस संबंध में आवश्यक कदम उठाएगी.