नई दिल्ली: कर्नाटक बीजेपी ने सेनेगल से अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी की गिरफ्तारी का श्रेय लेने के दावे को लेकर मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी पर शनिवार को निशाना साधा और उन्हें चुनौती दी कि राज्य में अपराधों को रोकने का थोड़ा साहस दिखाएं. बीजेपी ने कुमारस्वामी के लिए ‘अन्ना’ (बड़े भाई) शब्द का इस्तेमाल करते हुए उन पर हमला बोला. मुख्यमंत्री के लिए आमतौर पर यह शब्द बोला जाता है. पार्टी ने कांग्रेस विधायक जे एन गणेश को गिरफ्तार कर ‘हिम्मत’ दिखाने को कहा जो पिछले करीब एक सप्ताह से फरार हैं. उन्होंने यहां एक रिसोर्ट में एक हाथापाई के दौरान विधायक आनंद सिंह पर कथित तौर पर हमला किया था जिसके बाद गणेश के खिलाफ हत्या का प्रयास करने का एक मामला दर्ज किया गया है.

बीजेपी के हमले पर जवाब देते हुये कुमारस्वामी ने सवाल उठाया कि पार्टी ने पुजारी को उस समय गिरफ्तार क्यों नहीं कराया जब वह सत्ता में थी. उन्होंने कानून के मुताबिक गणेश के खिलाफ कारवाई करने का आश्वासन दिया. इससे पहले कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार ने अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी को सेनेगल से गिरफ्तार करवाने में अग्रणी भूमिका निभाई. उन्होंने कहा था कि राज्य में कई अपराधों में वांछित इस डॉन की गिरफ्तारी कर्नाटक सरकार के अधिकारियों के निरंतर प्रयासों, केंद्र सरकार और सेनेगल में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के सहयोग से हो पायी.

सेनेगल में भारतीय राजदूत राजीव कुमार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कुमारस्वामी ने संवाददाताओं से कहा था कि उन्होंने और उनके अधीनस्थों ने उस देश के प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री से संपर्क कायम किया और उन्हें ‘इस अतिवाछित गैंगस्टर’ की गतिविधियों के बारे में बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कर्नाटक में चल रहे जबरन वसूली रैकेट, जिसके तहत बिल्डरों और व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा था, की चिंता थी. उन्होंने पुलिस महानिदेशक नीलमणि राजू और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) को रवि पुजारी की गतिविधियों पर अंकुश लगाने को कहा था.

कुमारस्वामी ने कहा, ‘इस गैंगस्टर के चलते कई हत्याएं हुईं और कई परिवार अनाथ हो गये. उसका एकमात्र उद्देश्य अनुचित साधनों से पैसा बनाना था. उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों को सूचना मिली कि पुजारी पिछले साल 31दिसंबर को सेनेगल में एक क्रिक्रेट मैच के दौरान मौजूद है और तब से उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाने लगी. खुफिया एजेंटों ने इसकी जानकारी सेनेगल में भारतीय राजदूत को दी जिन्होंने उस देश के प्रधानमंत्री से संपर्क किया. भारतीय राजदूत राजीव कुमार ने पुजारी को गिरफ्तार कराने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, ‘उसे 19 जनवरी को गिरफ्तार किया गया. तब से हम केंद्र सरकार की मदद से उसे प्रत्यर्पित कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़े हैं. आने वाले दिनों में हमें और सूचना मिलेगी.

(इनपुट-भाषा)