कोलकाता: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज पश्चिम बंगाल के लिए अपनी ‘डिजिटल रैली’ के दौरान कोरोना वायरस महामारी से निपटने में तृणमूल कांग्रेस सरकार के कथित कुप्रबंधन और प्रवासी श्रमिक संकट का मुद्दा उठा सकते हैं. Also Read - लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने की भाजपा नेता की हत्या, आईजी ने कहा- यह सुनियोजित हमला है

बीजेपी सूत्रों ने बताया कि वैसे तो यह संबोधन भाजपा के ‘आत्मनिर्भर’ अभियान का हिस्सा है, लेकिन शाह के भाषण में तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा कोरोना वायरस महामारी के ‘कुप्रबंधन’, प्रवासी श्रमिक संकट तथा हिंसा की राजनीति जैसे मुद्दे क शामिल होने की संभावना है. Also Read - विकास दुबे की गिरफ्तारी पर कांग्रेस ने खड़े किए सवाल, नरोत्तम मिश्रा से जोड़ा गैंगस्टर का लिंक

प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ”अमित शाह जी निश्चित ही कोविड-19 से निपटने में केंद्र सरकार की उपलब्धियों के बारे में बोलेंगे. लेकिन साथ ही ऐसी संभावना है कि वह राजनीतिक हिंसा, महामारी से निपटने में राज्य सरकार की विफलता, प्रवासी श्रमिक संकट तथा चक्रवात अम्फान के बाद की स्थिति के मुद्दों का जिक्र करेंगे.’’ Also Read - बीजेपी को पूरा भरोसा, पश्चिम बंगाल में 2021 में बनकर रहेगी सरकार

नेता ने कहा, ”हमारे पार्टी कार्यकर्ताओं समेत लाखों लोग उनके भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.”शाह का संबोधन पूरे पश्चिम बंगाल के 70,000 मतदान केंद्रों पर लाइव होगा.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 9 साल के शासन के खिलाफ पिछले सप्ताह नौसूत्री आरोपपत्र जारी कर चुकी भाजपा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘आर नोई ममता’ (ममता का शासन अब और नहीं) अभियान चलाया है.