मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने गुरुवार को कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच जो कुछ ‘‘फैसला’’ लिया गया था, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए. दरअसल, शिवसेना का दावा है कि पार्टी (शिवसेना) और भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद साझा (ढाई-ढाई साल के लिये) करने और दोनों दलों के बीच विभागों का 50:50 बंटवारा करने पर सहमति बनी थी. वहीं, भाजपा का कहना है कि ऐसा कोई भी समझौता उद्धव ठाकरे नीत पार्टी के साथ नहीं किया गया था. पार्टी का कहना है कि देवेन्द्र फड़णवीस पूरे पांच साल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे.

एकनाथ खडसे

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खड़से ने जलगांव में संवाददाताओं से कहा कि अतीत में भाजपा के सहयोगी दल के साथ जो भी समझौता हुआ था, उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि सत्ता साझा करने के मुद्दे को लोग बेहतर तरीके से समझ सकें. इसबीच, सूत्रों ने बताया कि दक्षिणपंथी हिंदू नेता सांभाजी भिडे बृहस्पतिवार देर शाम अचानक शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ पहुंचे.

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शिवसेना प्रमुख के करीबी सहयोगी ने बताया कि जिस वक्त भिडे मातोश्री पहुंचे, उस समय ठाकरे आपने आवास में नहीं थे. इसलिए दोनों की मुलाकात नहीं हो पाई. गौरतलब है कि भिडे का मातोश्री दौरा ऐसे वक्त पर हुआ है, जब भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना के बीच सरकार बनाने को ले कर गतिरोध चल रहा है.