नई दिल्ली: बैंकों से 9000 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर भागे हुए कारोबारी विजय माल्या के वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस ने एक- दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं. इस मामले में राहुल गांधी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस नीत यूपीए के शासनकाल में नियमों को ताक पर रखकर माल्या की कंपनी को कर्ज पर कर्ज दिया गया, ऐसे में कांग्रेस और उसके नेता स्पष्ट करें कि उनके बीच क्या लेनदेन हुआ.

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बीजेपी नेता ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने विजय माल्या को बचाया. कांग्रेस नीत सरकार ने किंगफिशर को बेलआउट पैकेज दिया. इस मामले में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार एवं कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने तो भगोड़ों के खिलाफ सख्त कानून लाने का काम किया है.

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बीजेपी के वरिष्ठ नेता जावड़ेकर ने कहा, ”यह उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की कहावत को चरितार्थ करता है. यह कर्ज का मामला संप्रग के काल का है. यूपीए के समय में ही माल्या के कर्ज का पुनर्गठन किया गया.” उन्होंने कहा कि यूपीए के शासन के दौरान कर्ज पर कर्ज दिया जाता रहा, सभी बैंक नियमों को ताक पर रखकर ऐसा किया गया .

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए जावड़ेकर ने कहा, और इसलिए यह कांग्रेस का पाप है और हम भगोड़े के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस और उसके नेताओं ने किंगफिशर से फायदा उठाया. कांग्रेस का अब पर्दाफाश हो गया है.

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेताओं को अब ऐसे आरोप लगाने की हिमाकत नहीं करनी चाहिए. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस और उसके नेता को ऐसे आरोप लगाने की बजाए अब यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके और माल्या के बीच क्या लेनदेन हुआ?

केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने सवाल किया कि कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने विजय माल्या को कर्ज क्यों दिए और रिजर्व बैंक के ऊपर दबाव क्यों डाला गया. इन सबका राहुल गांधी और कांग्रेस को जवाब देना चाहिए.