आइजोल: भाजपा महासचिव राम माधव ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी मिजोरम विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी, किन्तु चुनाव के बाद के परिदृश्य के अनुरूप वह समान विचार वाली पार्टियों के साथ गठबंधन कर सकती है. मिजोरम पूर्वोत्तर में एकमात्र राज्य है जहां अभी कांग्रेस की सरकार है. भाजपा पूर्वोत्तर के राज्यों में अपने बल पर या गठबंधन कर बाकी तमाम राज्यों में सत्ता पर कब्जा कर चुकी है और मिजोरम को अपनी झोली में डालने के लिए प्रयास कर रही है.

माधव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगर संभव हुआ तो भाजपा विधानसभा की सभी 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. माधव भाजपा में पूर्वोत्तर के प्रभारी हैं. दूसरी पार्टियां मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) को भाजपा की ‘प्राक्सी’ पार्टी बता रही हैं जिसे माधव ने ‘हास्यास्पद’ बताया. उन्होंने कहा कि एमएनएफ और नेशनल पीपुल्स पार्टी पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन (एनईडीए) का हिस्सा हैं, लेकिन भाजपा उनके खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं.

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एनईडीए एक राजनीतिक गठबंधन है और भाजपा ने 2016 में उसकी स्थापना की थी. इसमें नगा पीपुल्स फ्रंट, सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरूणाचल, असम गण परिषद और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट जैसी पूर्वोत्तर की क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा मिजो लोगों की खाद्य आदतों, विशिष्ट संस्कृति और रीति-रिवाजों तथा उनके धर्म का ‘सम्मान’ करती है. माधव ने मुख्यमंत्री लाल थनहवला नीत कांग्रेस सरकार पर भ्रष्ट और अक्षम होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी मिजोरम में सत्ता में आयी तो राज्य में चार लेन का राजमार्ग बनाया जाएगा जो म्यामां तथा बांग्लादेश दोनों को जोड़ेगा.